Sunday , December 17 2017

नोटबैन के खिलाफ ममता बनर्जी के मार्च में शामिल होगी शिवसेना, भाजपा मे बेचैनी बढ़ी

The newly appointed chief minister of eastern Indian state of West Bengal and Trinamool Congress (TMC) Mamata Banerjee addresses her supporters during a rally in Kolkata July 21, 2011. The annual rally was held to commemorate the July 21, 1993 event where 13 political party workers were killed by the police, and also to celebrate their historic win in the recent concluded state elections, TMC leaders said on Thursday. REUTERS/Rupak De Chowdhuri (INDIA - Tags: POLITICS CIVIL UNREST) - RTR2P4H0

नई दिल्ली: भाजपा की सहयोगी शिवसेना नोट बैन के फ़ैसले के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होगी जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस शामिल नहीं होगी |
विपक्षी दल  राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये नोटों को बैन करने के फैसले को वापस लेने की अपील भी कर सकते हैं |संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले सरकार के सहयोगी दलों के साथ साथ विपक्षी दलों में भी एकजुटता का अभाव दिखायी दिया |

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकार के नोटबंदी फैसले से जनता को होने वाली परेशानियों के लिए सरकार की आलोचना की| जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में कल सहयोगी दलों ने काला धन और और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी के फ़ैसले पर सरकार का समर्थन किया था |

लेकिन आज पार्टी के संजय राउत ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने श्री ठाकरे से बात की थी और शिवसेना ममता बनर्जी के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मुलाकात करेगी | राउत ने कहा कि इस बात का सत्तारूढ़ दलों या विपक्ष से कोई मतलब नहीं है ये लोगों को होने वाली परेशानियों के लिए किया जा रहा है |

नोटबंदी के फैसले पर संयुक्त प्रतिक्रिया जताने के लिए कल विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने वाली कांग्रेस ने आज कहा कि उसकी मार्च में शामिल होने की संभावना नहीं है | वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने से पहले इसको संसद में उठाना चाहती है |हालांकि ममता बनर्जी ने कहा कि इस फैसले से जनता को होने वाली परेशानियों को देखते हुए वह राष्ट्रपति से ज़रूर मिलेंगी चाहे अन्य दल साथ आयें या नहीं |
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और उमर अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि वे मार्च में शामिल होंगे |

जबकि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने मोदी नोटबंदी के फ़ैसले को वापस लेने के लिए सभी मांगों को खारिज कर दिया है। सोमवार को अपनी पार्टी के सांसदों की एक बैठक में उन्होंने कहा कि “देश ने इस क़दम का स्वागत किया है लेकिन विपक्ष इसमें अडंगा डालने की कोशिश कर रहा है| उन्होंने कहा कि इस फैसले से लोगों को परेशानियाँ हो रही हैं | हालाँकि इसमें थोडा वक़्त लग सकता है लेकिन ये फैसला देश हित में किया गया है |

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार बचाव की मुद्रा में नहीं होगा एक निर्णय में उन्होंने कहा कि देश के लिए लंबी अवधि के लाभ रखती है, हालांकि वह बार बार कठिनाइयों है कि आम लोगों को ले जाने के बाद नकदी की कमी के बीच का सामना कर रहे स्वीकार किया है के बारे में बनाया है|

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