Monday , June 18 2018

नोटों की मंसूख़ी की तकलीफ़ दो ख़वातीन फ़ौत। मुतवफ़्फ़ी सास की आख़िरी रसूमात के लिए बहू क़तार में खड़ी हो गई

लखनऊ: नोटों की मंसूख़ी के मर्कज़ी इक़दाम से परेशान होकर उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली जिनमें दो ख़वातीन शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार दो ख़वातीन बलिया और मुजफ्फरनगर में बैंकों के बाहर कतारों में खड़े होते हुए नोटों की तबदीली के लिए अपनी बारी के इंतेजार में मर गईं जबकि एक रिक्शा राँ उस समय फांसी ले ली जब स्वामी के पास केंद्र के इस फैसले का इलम हुआ कि बैंक बराँचस 500 और 1000 रुपये के नोट बदलना बंद कर दिया गया है।

पुलिस ने कहा कि बलिया के सेंट्रल बैंक शाखा की पंक्ति में खड़ी एक 70 वर्षीय महिला इंदिरा रानी देवी दिल पर हमले के कारण मर गई जब उसके अंतिम संस्कार के लिए उसके परिवार के पास पैसे नहीं थे इसलिए पैसे निकालने के लिए मृतक की बहू अपनी सास की जगह पंक्ति में खड़ी हो गई।

मुजफ्फरनगर में पनचाब नेशनल बैंक की कतार में खड़ी 85 वर्षीय मारुति देवी भी अचानक गश खाकर गिर पड़ी और मर गई ाोरफूत गई। बुलंद शहर के 27 वर्षीय रिक्शा राँ ने सरकार के फैसले से आहत होकर अपने घर में खुदकुशी कर ली।

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