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नोटों के बदलाव पर आज संसद सत्र में होसकता है हंगामा

नई दिल्ली 16 नवंबर:नकदी की कमी से बढ़ती निराशा के दौरान संसद में संभावना है कि विपक्ष के विरोध का हंगामा शीतकालीन सत्र के पहले दिन देखा जाएगा। राष्ट्र विपक्ष, सरकार को इस मुद्दे पर घेरने के लिए तैयार है।

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति भवन तक विपक्षी दलों को जुलूस के प्रस्ताव से सहमत नहीं हुई है, हालांकि उसने बड़ी नोटों के बदलाव के विरोध का समर्थन किया। मुख्य विपक्षी कांग्रेस की 13 पार्टियों ने वचन दिया कि इस समस्या से आम आदमी को दरपेश मुश्किलों को पूरी शिद्दत के साथ उठाया जाएगा।

इस आंदोलन का उद्देश्य सिस्टम से काले धन की वसूली है। ए टी एम्स नकदी वितरित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और बैंकों 500 और 1000 रुपये के नोटों के रद्दीकरण की वजह से दबाव में लड़खड़ा रहे हैं। कांग्रेस विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है। 13 विपक्षी दलों सहित कट्टर प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस और सीपीअइएम के अलावा बसपा, एसपी,जेडि(यू)और डीएमके युक्त बैठक में विपक्षी नेताओं ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया कि इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात की जाएगी।

इससे पहले इस मुद्दे पर संसद में पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।उन्होंने नोटों के रद्दीकरण के संबंध में विपक्ष से समर्थन मांगा और कहा कि इसका उद्देश्य आतंकवाद के वित्तपोषण का काउंटर और काले धन की वसूली है।

नकली नोटों को निर्यात करना है,लेकिन विपक्षी दलों ने उनकी कूताहीाँ खोज कीं और उन पर आरोप लगाया कि वह गोपनीयता के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और अपनी कार्रवाई का समय से पहले खुलासा कर रहे है।ओप्पोसिशन अपने मैकुफ पर अटल रही।

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