Wednesday , February 21 2018

नोट बंदी की वजह से देश में मंदी आने का खतरा- एसोचैम

नई दिल्ली। उद्योग मंडल एसोचैम का मानना है कि केंद्र सरकार के नोट बैन के फैसले से देश में काले धन के पैदा होने पर खास असर नहीं पड़ेगा। वहीं भारत जैसे देश को कैशलेस सोसाइटी बनने में कम से कम पांच साल लगेगा।

एसोचैम के राष्ट्रीय महासचिव डी.एस.रावत का कहना है कि नोट बैन का उद्देश्य वैसे बहुत अच्छा था लेकिन इसका क्रियान्वयन बेहद खामियों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि 500-1000 के नोटों को बंद करने के बाद देश की जीडीपी में डेढ़ से दो फीसदी की गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही मंदी भी आने का खतरा है। उन्होंने पीएम मोदी से गुजारिश की है कि नकदी की राशनिंग करने के बजाय उसके प्रवाह को जल्द से जल्द बढ़ाया जाए। टैक्स में सुधार तेजी से किया जाय और ब्जाज दरें जल्द से जल्द कम की जाए।

एसोचैम के प्रेजिडेंट सुनील कनोरिया ने कहा कि नोटबंद के नकारात्मक असर भी है। उद्योग पर इसके गहरे प्रभाव के कारण लोग अपनी नौकरिंया गवा सकते हैं। सरकार को विशेषतौर पर बुनियादी ढ़ाचे पर काम करना होगा, सोशल सेक्टर में खर्च बढ़ाना होगा साथ ही टैक्स को कम करना होगा।

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