नो कैश की आवाज सुनते ही किसान को सदमा, बैंक के क़तार में ही तोड़ा दम

नो कैश की आवाज सुनते ही किसान को सदमा, बैंक के क़तार में ही तोड़ा दम

बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर में बैंक के बाहर सुबह 4 बजे से लाइन में खड़े भूखे प्यासे एक किसान की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। किसान के परिजनों का कहना है कि दो दिन से बैंक जा रहे थे, लेकिन उन्हें बैंक से 5 हजार रुपये नहीं मिल पा रहे थे।

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न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार बुधवार सुबह 4 बजे से बैंक के बाहर क़तार में लगने के बावजूद जब उनका नंबर आया तो बैंक ने नकदी समाप्त होने की सूचना दी। जैसे ही किसान ने यह सुना, उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। बैंक प्रबंधक भी किसान की पंक्ति में लगने से स्थिति बिगड़ने की वजह से मौत की बात स्वीकार कर रहे हैं।

बुलंदशहर के पहासो थाना क्षेत्र के गांव पलड़ाझाल में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर उस समय भीड़ एकत्रित हो गई, जब अगोरा में रहने वाले किसान ओमप्रकाश सिंह की मौत बैंक के बाहर पंक्ति में भूखे प्यासे लगे रहने के बावजूद भी नोट नहीं मिलने के कारण हो गई।

दरअसल 50 साल के किसान ओमप्रकाश सिंह को घरेलू खर्च के लिए 5 हजार रुपए की जरूरत थी। मंगलवार को भी जब पी.एन.बी में नोट नहीं मिला है, तो बुधवार की सुबह 4 बजे ही ओम प्रकाश ठंढ में जाकर कतार में जा खड़े हुए। भूखे प्यासे ओमप्रकाश दोपहर बाद उस समय हालत बिगड़ने से मौत हो गई, जब बैंक में प्रवेश की उनकी बारी आने से पहले ही वहां नो कैश का बोर्ड लगा दिया गया। जैसे ही ओमप्रकाश ने यह सुना कि कैश खत्म हो गया, वह गिर पड़े और वहीं तड़प तड़प के दम तोड़ दिया।

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