Tuesday , December 12 2017

नौकरियां पैदा करने का आंकड़ा, सात साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा : प्रणब मुखर्जी

नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ऐजूकेशनल इंस्टीट्यूटस के प्रमुखों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार के नए अवसर पैदा करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल में नौकरियां पैदा करने के आंकड़े सबसे निचले स्तर पर हैं |

उन्होंने कहा कि अगर देश में पर्याप्त नौकरियां होंगी जो संतुष्टि, दोहन और संपूर्णता होगी। लेकिन इसके उलट माहौल देश में ख़राब हालात पैदा कर सकता है| भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है | नौजवानों की आबादी अधिक होने से हमारे पास निम्न निर्भरता अनुपात का फायदा उठाने की पूरी गुंजाइश है|

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हमें बड़ी आबादी को अपनी ताकत में तब्दील करना होगा | युवाओं का आक्रोश और परेशानी अशांति और उथल-पुथल के रूप में सामने आता है| हमारे यहां ऐसे हालात पैदा नहीं होने दीजिए|  इसके लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाने को प्राथकिमता है | मशीनों के तेजी से चलन में आने के साथ हमें व्यापक बदलाव की ओर से ध्यान देना होगा| नौकरियां पैदा होने का आंकड़ा साल 2015 में 1.5 लाख था जो पिछले सात साल में सबसे कम है |

राष्ट्रपति ने आगाह किया कि देश में नौकरियों के अवसर पैदा करने के विपरीत हालात त्रासदी पैदा कर सकते हैं | उन्होंने कहा कि संस्थानों में छात्रों के विरोध की घटनाओं का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को उच्च स्तर की पढ़ाई करने के लिए सद्भावपूर्ण और सुकून वाले माहौल की जरूरत है| मुखर्जी ने कहा कि देश के संस्थानों को प्रतिभाओं के सहायक के तौर पर काम करना चाहिए| उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों से कहा कि वे इन शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं की मदद करें |
 

 

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