Wednesday , September 26 2018

नौजवान की हलाकत पर उमर अब्दुल्ला फफक कर रो पड़े

जम्मू, 06 मार्च: सेक्युरिटी फोर्स की गोली से बारामूला में एक नौजवान की मौत ने मंगल के दिन असेंबली में वज़ीर ए आला उमर अब्दुल्ला की तकरीर की रुख ही बदल डाली ।

जम्मू, 06 मार्च: सेक्युरिटी फोर्स की गोली से बारामूला में एक नौजवान की मौत ने मंगल के दिन असेंबली में वज़ीर ए आला उमर अब्दुल्ला की तकरीर की रुख ही बदल डाली ।

गवर्नर के तकरीर पर चर्चा का जवाब देने के लिए तैयारियों के साथ असेंबली में पहुंचे उमर को यह मालूम नहीं था कि हालात उनके तकरीर का मजमून ही बदल देंगे।

वज़ीर ए अला ने अपनी तकरीर शुरू किया तो कुछ देर के लिए ठिठक गए। जैसे जुबान उनका साथ नहीं दे रही हो। उनकी आंखें नम हुईं और गला भर आया। उमर अब्दुल्ला फफक कर रो पड़े।

पूरी तकरीर में वज़ीर ए आला कभी तल्ख नजर आए, कभी जारिहाना तो कभी जज़्बाती । उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनका ओहदा उन्हें मुखालिफत के उस तरीके की इजाजत नहीं देता जिसे अपोजिशन अपनाता है लेकिन नौजवान की मौत से वह भी बेहद ग़मग़ीन हैं।

उन्होंने सदन को भरोसा दिया कि वाकिया की पूरी तहकीकात कराई जाएगी और मुतास्सिरा के खानदान को इंसाफ दिलाया जाएगा। ऐसे वाक्यात अफसोसनाक हैं। उमर ने अपनी बेबसी को भी असेंबली से साझा किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे वाकियात को सियासी फायदे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इशारो में यह भी कहा कि ऐसे वाकियात पीडीपी की हुकूमत में ज्यादा हुईं लेकिन उन्हें गिनाने का कोई फायदा नहीं है।

अपने तकरीर में उमर ने कहा कि इस वाकिया के बाद पैदा हुए माहौल के बाद सड़क, अस्पताल, तालीम और तरक्की के दिगर शोबो में हुकूमत की कामयाबी पर फिलहाल बात नहीं की जा सकती।

वज़ीर ए आला ने कहा कि वह कोई जादूगर नहीं हैं फिर भी हालात सुधारने की कोशिशें हुईं हैं और उनके बेहतर नतीजे भी आए हैं। बावजूद इसके कई बार वह खुद को थका महसूस करते हैं।

ऐसे वाकियात पर सियासी फायदे के लिए सदन में माइक फेंकने और वाकआउट करने की अपोजिशन की हिकमत अमली को भी उमर ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उनके भी दो बेटे हैं।

किसी भी बेगुनाह की जान जाना गलत है लेकिन किसी मेमबर के तरफ से इसे लेकर स्पीकर से बदसुलूकी करना भी गलत है। यह रिवायत ठीक नहीं। हर चीज उनके हाथ में नहीं है। काश हर चीज उनके हाथ में होती।

उमर अब्दुल्ला ने खुद को एक यौमिया मजदूर की तरह बताया जो मुतास्सिरों के आंसू पोंछने की कोशिश करते हैं। यौमिया मजदूर के बजाए अगर खुद को मुश्तकिल मुलाजिम समझा तो उनमें और किसी राजा में कोई फर्क नहीं रह जाएगा ।

उमर ने अपोजिशन पार्टी पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा ‌कि कुछ लोग जिस कुर्सी के लिए बेचैन हैं, वह कुर्सी उन्हें परेशानी भरी लगती है। वज़ीर ए आला ने मरकज़ और सेक्युरिटी फोर्स को एतेदाल अंदाज में घेरने की कोशिश की लेकिन वाकिया को लेकर मुल्क को कोसने की पालिसी को भी गलत बताया।

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