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नौजवान नसल दक्कनी तहज़ीब से नावाक़िफ़ , स्कूली निसाब पर नज़र-ए-सानी नागुज़ीर

हैदराबाद । १४ फरवरी : ( सियासत न्यूज़ ) : रियासत में लाखों ऐसे हाई स्कूली तलबाहैं जिन्हें ख़ुद अपनी दक्कनी तारीख़ का इलम नहीं है जब कि नौजवान नसल की एक कसीर तादाद क़ुतुब शाही और आसिफ़ जाहि हुकमरानों के ज़राअत , आबपाशी , तालीम और अदब में

हैदराबाद । १४ फरवरी : ( सियासत न्यूज़ ) : रियासत में लाखों ऐसे हाई स्कूली तलबाहैं जिन्हें ख़ुद अपनी दक्कनी तारीख़ का इलम नहीं है जब कि नौजवान नसल की एक कसीर तादाद क़ुतुब शाही और आसिफ़ जाहि हुकमरानों के ज़राअत , आबपाशी , तालीम और अदब में जो बेशबहा ख़िदमात अंजाम दीए हैं इस से वाक़िफ़ नहीं हालाँकि क़ादिर अली फाउंडेशन के ड्रामों में दक्कनी तहज़ीब की झलक दिखाई देने के इलावा चंद एक स्कूलों में सालाना यौम तक़ारीब के मौक़ा पर पेश किए जाने वाले प्रोग्राम्स में कुछ ड्रामा ऐसे देखने को मिल जाते हैं जिस में दक्कनी तहज़ीब की अक्कासी की जाती है ।

स्कूली तलबादक्कनी तहज़ीब से अदम वाक़फ़ीयत के ख़ुद भी क़सूरवार नहीं क्यों कि गुज़शता 20 बरस के दौरान निसाब में दक्कनी तहज़ीब को शामिल ही नहीं किया गया है हालाँकि स्कालर्स‌ और माहिरीन तारीख़ ने हुकूमत की तवज्जा इस जानिब मबज़ूल करवाने के इलावा आंधरा प्रदेश स्टेट कौंसल आफ़ एजूकेशन रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग ( ए पी एस सी ई आर टी ) को ऐसी 300 दरख़ास्तें ताहाल मौसूल होचुकी हैं जिस में मुतालिबा किया गया है कि स्कूली तालीमीनिसाब में दक्कनी तहज़ीब को शामिल किया जाय लेकिन इन दरख़ास्तों का अर्बाब मजाज़और हुकूमत पर कोई असर नहीं हो रहा है ।

इलावा अज़ीं गुज़शता बरस से निसाब में ना कोई वाज़िह तबदीली हुई और ना ही समाजी उलूम की किताबों में मौजूद अस्बाक़ परनज़र-ए-सानी की गईं हैं । चारमीनार और शहर हैदराबाद की बुनियाद रखने वाली क़ुतुब शाही सलतनत का कोई तफ़सीली मवाद किताबों में मौजूद नहीं बल्कि अह्द वसती में दक्कन की तारीख़ के बाब में सिर्फ उन का तज़किरा इलाक़ाई और मज़हबी सलातीन के तौर पर मौजूद है जो कि 7 वीं जमात का निसाब है ।

स्कूली निसाब पर नज़र-ए-सानीदक्कनी तहज़ीब की शमूलीयत के साथ क़ुतुब शाही और आसिफ़ जाहि सलातीन के हर शोबे में ख़िदमात की शमूलीयत ज़रूरी है ताकि नई नसल को ना सिर्फ अपनी तहज़ीब से वाक़िफ़ करवाया जा सके बल्कि मज़कूरा बाला ख़ानदानों के सलातीन की रवादारी , सैकूलर पालिसीयां भी मंज़रे आम पर लाई जा सकें ।।

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