न्यायाधीशों की नियुक्ति में आरक्षण नहीं : मोदी सरकार

न्यायाधीशों की नियुक्ति में आरक्षण नहीं : मोदी सरकार
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दिल्ली : विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के पद संवैधानिक है, इसलिए इनमें आरक्षण का प्रावधान नहीं है, लेकिन सरकार समय-समय पर समाज के पिछड़े वर्गाें को नियुक्ति में प्राथमिकता देने का सुझाव देती रही है।

उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति में गतिरोध से पैदा हुई स्थिति के बारे में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर राज्यसभा में मंत्री के वक्तव्य पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने शीर्ष न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में आरक्षण की मांग की थी।
इस पर श्री प्रसाद ने जवाब देते हुये कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग), लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और चुनाव आयुक्त जैसे कई पद संवैधानिक है और उसी तरह से उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के पद भी संवैधानिक है।

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