Tuesday , December 12 2017

न्यूक्लीयर मुज़ाकरात के लिए ज़रीफ – कैरी मुलाक़ात

वज़ीरे ख़ारिजा जॉन कैरी आज जिनेवा पहुंच गए ताकि वज़ीरे ख़ारिजा इरान मुहम्मद जव्वाद ज़रीफ के साथ इरान के न्यूक्लीयर प्रोग्राम के बारे में मज़ीद बात चीत कर सकें। क़ब्ल अज़ीं उन्हों ने इंतिबाह दिया था कि क़तई आख़िरी मोहलत करीब आ रही है, लेकिन

वज़ीरे ख़ारिजा जॉन कैरी आज जिनेवा पहुंच गए ताकि वज़ीरे ख़ारिजा इरान मुहम्मद जव्वाद ज़रीफ के साथ इरान के न्यूक्लीयर प्रोग्राम के बारे में मज़ीद बात चीत कर सकें। क़ब्ल अज़ीं उन्हों ने इंतिबाह दिया था कि क़तई आख़िरी मोहलत करीब आ रही है, लेकिन अब भी नुमायां झोल बरक़रार है।

आलमी ताकतें इरान के साथ एक मुआहिदा तय करने के लिए कोशां हैं जिस से इरान को न्यूक्लीयर बम की तैयारी से रोका जा सके। इस के मुआवज़ा में इरान पर बैनुल अक़वामी मआशी तहदीदात में नरमी पैदा करने की पेशकश की गई है।

जॉन कैरी वज़ीरे ख़ारिजा इरान मुहम्मद जव्वाद ज़रीफ से दो दिन तवील बात चीत करेंगे। इरान अपने न्यूक्लीयर प्रोग्राम के हथियारों की तैयारी के लिए होने की तरदीद करता आरहा है।

वज़ीरे ख़ारिजा अमरीका ने कल इंतिबाह दिया था कि दोनों फ़रीक़ैन के दरमियान इख़तिलाफ़ात अब तक मौजूद हैं और काफ़ी फ़ासिला तय करना बाक़ी है। वो लंदन में एक प्रेस कान्फ़्रैंस के दौरान ये भी कह चुके हैं कि अक़वामे मुत्तहिदा की सलामती कौंसिल के 5 मुस्तक़िल अरकान और जर्मनी, इरान के न्यूक्लीयर प्रोग्राम के सिलसिले में मुत्तहिद हैं।

अली अकबर सालेही कल वज़ीरे ख़ारिजा जव्वाद ज़रीफ और हुसैन फरीदूं के साथ जो सदर इरान हसन रुहानी के भाई हैं, बात चीत में मदद देने के लिए जिनेवा पहुंच गए। क़तई आख़िरी मोहलत 30 जून है। अगर ये तारीख गुज़र जाए तो मग़रिबी ममालिक इरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई की धमकी देते हैं।

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