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न्यू रोज़री हाई स्कूल में टीचर्स डे तक़ारीब से नसरीन फ़ातिमा का ख़िताब

हैदराबाद ०८ सितंबर :प्रिन्सिपल न्यू रोज़री हाई स्कूल सालार जंग कॉलोनी हैदराबाद मुहतरमा नसरीन फ़ातिमा ने कहा कि असातिज़ा मुआशरा के मुअम्मार होते हैं जो तलबा को क़ौम का अज़ीम सरमाया और असासा बनाते हैं। असातिज़ा ही की बदौलत तलबा म

हैदराबाद ०८ सितंबर :प्रिन्सिपल न्यू रोज़री हाई स्कूल सालार जंग कॉलोनी हैदराबाद मुहतरमा नसरीन फ़ातिमा ने कहा कि असातिज़ा मुआशरा के मुअम्मार होते हैं जो तलबा को क़ौम का अज़ीम सरमाया और असासा बनाते हैं। असातिज़ा ही की बदौलत तलबा मलिक के अच्छे शहरी बन सकते हैं।

और जो तलबा अपने असातिज़ा काएहतिराम करते हैं वो ज़िंदगी के हर शोबा में कामयाब और सुर्ख़रु होते हैं। मुहतरमा नसरीनफ़ातिमा न्योरो ज़री हाई स्कूल में टीचर्स डे तक़रीब से मुख़ातब थीं। उन्हों ने कहा कि जोअज़ीम असातिज़ा होते हैं वो अपने शागिर्दों के लिए सरचश्मा फ़ैज़ान होते हैं।

क्योंकि बच्चों की किरदार साज़ी उन की छिपी हुई सलाहीयतों को पहचान कर उजागर करते हुए उन्हें अपने से कहीं ज़्यादा काबिल बनाने की ज़िम्मेदारी पूरी करते हैं। चुनांचे तारीख़ गवाह है किअज़ीम शख़्सियात की अज़मत में उन के असातिज़ा की मेहनतें और क़ुर्बानी पिनहां हैं।

मुहतरमा नसरीन फ़ातिमा ने कहा कि अच्छे टीचर्स की पहचान यही है कि वो तालिब-ए-इल्म को स्कूलस से दिलचस्पी पैदा करी। इन की तहरीर और तक़रीर क्लासरूम के अंदर और बाहर अख़लाक़-ओ-किरदार बड़ों की इज़्ज़त और अपने से छोटों की शफ़क़त के जज़बे वही पैदा करते हैं।

मुहतरमा नसरीन फ़ातिमा के इलावा स्कूलस के दीगर टीचर मिसिज़ भारती ने भी अपने स्कूल के दौर को याद किया और अपने टीचर्स को याद करके उन्हें ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। इस मौक़ा पर तलबा-ए-और तालिबात ने भी इज़हार-ए-ख़्याल किया और अपने टीचर्स के लिए बेपनाह मुहब्बत और अक़ीदत के जज़बात का इज़हार किया।

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