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पंजाब के काले पन्नों पर रोशनी डालती है फिल्म ’एक ओंकार’!

नई दिल्ली। विवादास्पद फिल्म ‘एक ओंकार’, जिसे अमेरिका और कनाडा में प्रदर्शित किया जा चुका है, लेकिन सेंसर बोर्ड और सेंसर बोर्ड ट्रिब्यूनल द्वारा भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया, की पूरी टीम न केवल दिल्ली पहुंची, बल्कि मीडिया के सम्मुख सेंसर बोर्ड की हठधर्मिता को जगजाहिर किया। दिल्ली के होटल रॉयल प्लाजा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ज्ञात राजनीतिक व्यक्तित्व भी मौजूद थे।

इनमें जरनैल सिंह, सोमनाथ भारती, अलका लांबा (‘आप’ विधायक, चांदनी चौक), गुरमुख सिंह, राघव चड्ढा, फिल्म के निर्देशक अविरल राज और निर्माता तलविंदर सिंह, कनाडा से एनआरआई एवं वितरक मनदीप सिंह चटवाल आदि मौजूद थे।

इस पूरी टीम ने संयुक्त रूप से फिल्म से जुड़ी भावनाओं को न केवल उजागर किया, बल्कि सेंसर बोर्ड और सरकार की ओर से पैदा की गईं समस्याओं को भी सामने रखा। इस मौके पर दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है, जैसे सरकार के साथ सेंसर बोर्ड भी भ्रष्ट हो गया है। इतना ही नहीं, पूरा माहौल ही भ्रष्ट जैसा लगता है। यह फिल्म अमेरिका और कनाडा में रिलीज हो गई और वहां लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया, लेकिन जिस धरती के लिए इसे बनाया गया, वहां इसे रिलीज ही नहीं होने दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस फिल्म का निर्माण पंजाब की अच्छाई और अन्य धर्मों के साथ बेहतर सामंजस्य दिखाने के अलावा पंजाब की समस्याओं से रूबरू कराने के लिए किया गया था, लेकिन सेंसर बोर्ड की नकारात्मकता के कारण एक पूरे कौम को इसे देखने से वंचित कर दिया गया। सोमनाथ भारती ने कहा कि सरकार को सकारात्मक रुख दिखाना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है।

चांदनी चौक से ‘आप’ विधायक अलका लांबा ने भी सोमनाथ भारती के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि न केवल पंजाब, बल्कि पूरा देश ड्रग्स की समस्या से जूझ रहा है। फिल्म से इसी सामाजिक बुराई को रेखांकित किया गया है, लेकिन हमारी सरकार समाज के हित में सोचने और बुराई को खत्म करने की दिशा में की जाने वाली पहल को पचा नहीं पा रही है। ऐसे में हम सब इस फिल्म के पक्ष में और भ्रष्टाचार के विरोध में खड़े रहेंगे।

फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी इस मौके पर काफी निराश दिखे। डायरेक्टर अविरल राज ने कहा कि ‘एक ओंकार’ एक बेहतरीन फिल्म है, जो युवाओं और किसानों की समस्याओं को उठाती है। फिल्म पंजाब के कुछ काले पन्नों पर रोशनी डालती है। साथ ही आज के युवा को जागरूक करेगी, ताकि वह समाज की बुराइयों से लड़ सकें।

वहीं फिल्म एक सिख नौजवान की हिम्मत को भी दर्शाएगी, जो समाज की बुराइयों के खिलाफ आवाज़ उठाता है। हमने इस फिल्म में काफी मेहनत की है और आज की सच्चाई दिखाने की कोशिश की है। समाज में काफी बुराइयां है और यह फिल्म उनके प्रति जागरूकता फैलाएगी और युवाओं को आगे आने की प्रेरणा देगी।

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