Monday , February 26 2018

पटना एम्स : बुजुर्गों की खिदमत के लिए नौजवानों को दी जाएगी ट्रेनिंग

मौजूदा में न्यूक्लियर फेमिली कंसेप्ट ने बुजुर्गों की मसला बढ़ा दी है। बुढ़ापे में हर बजुर्ग को खिदमत की जरूरत पड़ती है। बच्चे नौकरी करने लगते हैं, दूसरे शहर चले जाते हैं। घर में मां-बाप अकेले रह जाते हैं। ऐसी सुरते हाल में खिदमतगु

मौजूदा में न्यूक्लियर फेमिली कंसेप्ट ने बुजुर्गों की मसला बढ़ा दी है। बुढ़ापे में हर बजुर्ग को खिदमत की जरूरत पड़ती है। बच्चे नौकरी करने लगते हैं, दूसरे शहर चले जाते हैं। घर में मां-बाप अकेले रह जाते हैं। ऐसी सुरते हाल में खिदमतगुज़ार की जरूरत होती है।
घर वाले किराए पर खिदमत करने वाले की तलाश करते हैं। बड़े शहरों में ऐसे लोगों की मांग भी बढ़ी है। पर ट्रेंड लोग नहीं होने से बुजुर्ग को सही और मन मुताबिक सर्विस नहीं मिलती है। इसी के मद्देनजर पटना एम्स ने ऐसे बेरोजगार नौजवानों को तरबियत देने की मंसूबा बनाई है, जिससे एक बजुर्ग को क्या-क्या जरूरत होती है, उसके मुताबिक ही खिदमत करने वाले को तैयार किया जाय। इसके लिए पटना एम्स बेरोजगार नौजवानों को तरबियत देगा।

तरबियत के दौरान उन्हें बताया जाएगा कि बुजुर्ग को सुबह, दोपहर, शाम को क्या जरूरत होती है। उन्हें कैसे नहलाना है। कैसे ब्रश कराना है। कैसे खाना खिलाना है। दवा खा रहे हैं, तो उन्हें दवा कब खिलानी है। उनका बीपी व शुगर तक की जांच करनी है। दाढ़ी बनाना है, नाखून काटना, उनके कपड़े कहां धुलेंगे। महीने में किसी तरह का उनका बिल अाता है तो उसका अदायगी कब करना है।

इसके लिए ऐसे नौजवानों का सलेक्शन किया जाएगा जो खिदमत का मन रखते हैं। खिदमत इस तरह देनी होगी मानो अपने वालिदैन की खिदमत कर रहे हैं। इसके लिए अहम तौर से पढ़े-लिखे बेरोजगार नौजवानों का ही सलेक्शन किया जाएगा। दिल्ली, लखनऊ जैसे शहरों में ट्रेंड नौजवान को 10 से 12 हजार रुपए फी माह मिलते हैं।

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