Tuesday , December 12 2017

पटना के गांधी मैदान की तारीख़ी एहमीयत

माज़ी में मुहम्मद अली जिनाह सुभाष चन्द्र बोस और जय‌ प्रकाश नारायण ने मुख़ातिब किया

माज़ी में मुहम्मद अली जिनाह सुभाष चन्द्र बोस और जय‌ प्रकाश नारायण ने मुख़ातिब किया

तारीख़ी गांधी मैदान पर जहां बी जे पी विज़ारत अज़मी उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने इंतेख़ाबी जलसे को ख़िताब किया तारीख़ी एहमीयत का हामिल है। माज़ी में यहां कई अहम रैलिया लियां मुनाक़िद होचुकी हैं और जय‌ प्रकाश नारायण सुभाष चन्द्र बोस के इलावा पाकिस्तान के बानी मुहम्मद अली जिनाह ने यहां से जलसों को मुख़ातिब किया।

नरेंद्र मोदी ने जनतादल ( यू) और बी जे पी इत्तिहाद ख़त्म होने के बाद पहली मर्तबा बिहार का दौरा करते हुए हनकर रैली से ख़िताब किया। डायरेक्टर गांधी सनघराले रज़ी अहमद के मुताबिक़ 1938 में मुस्लिम लीग के अहया के लिए मुहम्मद अली जिनाह ने गांधी मैदान का इंतेख़ाब किया था।

रज़ी अहमद ने एक किताब हिन्दुस्तानी ज़ेली बर्र-ए-आज़म का सानिहा : इक़तिदार फ़िर्कापरस्ती और तक़सीम तसनीफ़ की है। चीफ़ मिनिस्टर बिहार नीतीश कुमार ने 12अक्टूबर को इस किताब की रस्म इजरा अंजाम दी। उन्होंने बताया कि 1937में बिहार में 1935 ऐक्ट के तहत इंतेख़ाबात मुनाक़िद हुए जिस में अलहदा राय दहनदों की गुंजाइश रखी गई थी चुनांचे मुस्लिम लीग को 40के मिनजुमला एक भी नशिस्त पर कामयाबी नहीं मिली थी।

ऐसे में मुस्लिम लीग के अहया के लिए मुहम्मद अली जिनाह ने गांधी मैदान पर जल्सा-ए-आम के इनीक़ाद का फ़ैसला किया जिसे उस वक़्त बांकी पर मैदान कहा जाता था। जिनाह की शोला बयान तक़रीर का ग़ैरमामूली असर हुआ और 1946 के सुबाई इंतेख़ाबात में 40नशिस्तों के मिनजुमला मुस्लिम लीग को 36 पर कामयाबी मिली थी। उन्होंने बताया कि क़दीम बांकी पर मैदान को गांधी जी की हलाकत के बाद उन से मौसूम किया गया।

सुभाष चन्द्र बोस ने फ़ारवर्ड ब्लॉक क़ायम करने के एक साल बाद 1939 में यहां अहम जलसा मुनाक़िद किया था ।974में लोक नाविक जय‌ प्रकाश नारायण की जनतापार्टी ने कांग्रेस को इक़तेदार से बेदख़ल करने के लिए सम्पूर्णा क्रांति ( मुकम्मल इन्क़िलाब) इसी मैदान से शुरू की थी।

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