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पटना धमाका : ‘सिमी’ ने अकेले रची थी साजिश

स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) ने ही पटना में गुजिशता साल 27 अक्तूबर को भाजपा के पीएम ओहदे के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी।

स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) ने ही पटना में गुजिशता साल 27 अक्तूबर को भाजपा के पीएम ओहदे के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी।

एनआइए की तहक़ीक़ात में भी यह वाजेह हो गया है कि पटना सीरियल धमाका में सिमी के अलावा और किसी दहशतगर्द तंजीम की इसमें सीधी किरदार नहीं थी। हालांकि, रांची में रह कर ‘सिमी’ जैसे मम्मनुअ दहशतगर्द तंजीम का ओपरेट करनेवाला हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी और इंडियन मुजाहिदीन का चीफ़ बताया जानेवाले तहसीन अख्तर उर्फ मोनू के दरमियान कई सालों से दोस्ती थी और जब मोनू को आइबी और एनआइए की टीम ढूंढ़ रही थी और वह फरार चल रहा था, तब हैदर ने ही मोनू को रांची और झारखंड के कई मुकामात पर पनाह दी थी। पटना में एनआइए की खुसुसि अदालत में दाखिल पटना धमाके की दूसरी चार्जशीट में आइएम और ‘सिमी’ के दरमियान के रिश्तों के बारे में भी कई खुलासे किये गये हैं। इसमें बताया गया है कि समस्तीपुर जिले का रहनेवाला मोनू और रांची के रहनेवाले हैदर अली को आइएम अहम रहे यासीन भटकल ने मिलवाया था।

भटकल ही वह शख्स है, जिसने दोनों तंज़ीमों को पैसा फराहम कराने के लिए पाकिस्तानी शहरी जियाउर रहमान उर्फ वकास से भी मिलवाया था। हैदर अली मुल्क में दहशतगर्द वाकियातों को तेजी से अंजाम देने के लिए सिमी की कई सरगरमियों का ओपरेट अपने दम पर कर रहा था। यहां तक कि वह दहशतगर्द हमलों की जिम्मेवारी भी वह खुद लेना चाहता था, ताकि दहशत की दुनिया में वह तेजी से आगे बढ़ सके।

पटना धमाके की जांच कर रही एनआइए की टीम ने हैदर अली और मोनू की गिरफ्तारी के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर दिल्ली में कैमरे के सामने लंबी पूछताछ की थी। पूछताछ में भी मोनू ने हैदर अली के सामने पटना धमाके में अपनी और अपने तंजीम आइएम की किरदार से साफ इनकार किया था। एनआइए की जब इससे भी सुकून नहीं हुई, तो उसने गुजरात के साबरमती जेल में बंद सिमी का जेनरल सेक्रेटरी रह चुका सफदर नागौरी को भी रिमांड पर लेकर दिल्ली में पूछताछ की। नागौरी ने भी कैमरे के सामने कुबूल किया कि पटना धमाके की ज़मीन अकेले सिमी ने तैयार की थी।

एनआइए के अफसरों के ज़राये ने बताया कि अभी पटना धमाके के सिलसिले में उनकी जांच जारी है और अभी तक एनआइए की पटना वाकेय खुसुसि अदालत में दायर दो इल्ज़ाम में आइएम की किरदार की बहस नहीं की गयी है। पटना में नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए सिमी के दहशतगर्दों ने अपने दम पर ही धमाकेखेज आलात का इंतजाम किया था और उनसे रांची में आइइडी तैयार की थी। हमने तहकीकात में अभी तक सिर्फ उन्हीं सुबूतों को बुनियाद बनाया है जो सुबूत हमारे हाथ लग चुके हैं। मामले में कई पूरी चार्जशीट दाखिल किये जायेंगे।

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