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पटना में नितीश कुमार की मुख़ालिफ़त ( विरोध) के बावजूद नरेंद्र मोदी की सालगिरा मनाई गई

पटना, १८ सितंबर ( एजेसीज़) वज़ीर-ए-आला बिहार नितीश कुमार हालाँकि नरेंद्र मोदी के कट्टर नाक़िद ( आलोचक) समझे जाते हैं लेकिन इस बात को क़तई नजर अंदाज़ करते हुए बी जे पी जो बिहार में हुक्मराँ इत्तिहाद की हलीफ़ ( दोस्त) जमात है। नरेंद्र मोदी क

पटना, १८ सितंबर ( एजेसीज़) वज़ीर-ए-आला बिहार नितीश कुमार हालाँकि नरेंद्र मोदी के कट्टर नाक़िद ( आलोचक) समझे जाते हैं लेकिन इस बात को क़तई नजर अंदाज़ करते हुए बी जे पी जो बिहार में हुक्मराँ इत्तिहाद की हलीफ़ ( दोस्त) जमात है। नरेंद्र मोदी की 62वीं सालगिरा मनाने की तैय्यारीयां कर चुकी है जिस के ज़रीया उन्हें मुस्तक़बिल ( भविष्य/ Future) ) के वज़ीर-ए-आज़म की हैसियत से भी पेश किया जाएगा ।

याद रहे कि रियास्ती हेडक्वार्टर्स में नरेंद्र मोदी की सालगिरा पहली बार मनाई गई जिस में कई पार्टी क़ाइदीन ( नेता) लेजिस्लेचर्स और एम पीज ने शिरकत करते हुए मिठाईयां और केक तक़सीम किए । बी जे पी के सीनीयर क़ाइद ( लीडर) और वज़ीर बराए मवेशी पालन गिरीजा सिंह ने दरीं असना अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए कहा कि वो एक ऐसे शख़्स की सालगिरा मना रहे हैं जो मुअम्मार क़ौम है और अवाम उन्हें वज़ीर-ए-आज़म के जलील-उल-क़दर (सम्मान )ओहदा पर फ़ाइज़ देखना चाहते हैं । रियासत भर में मोदी को मुबारकबाद देने वाले होर्डिंग्स आवेज़ां किए गए हैं ख़ुसूसी तौर पर शहर पटना में हर तरफ़ होर्डिंग्स ही होर्डिंग्स नज़र आ रहे थे जिस में नरेंद्र मोदी को मुस्तक़बिल ( भविष्य) के वज़ीर-ए-आज़म की हैसियत से दिखाया गया है ।

गिरीजा सिंह ने इस बात की तरदीद ( खंडन) की कि नितीश कुमार और नरेंद्र मोदी के दरमयान इख़तिलाफ़ात पाए जाते हैं । उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है ।दोनों ही क़ाइदीन ( लीडर) विकास पुरूष( मर्द-ए-तरक़्क़ी) हैं । यहां इस बात का तज़किरा दिलचस्पी से ख़ाली ना होगा कि कुछ अर्सा क़बल नितीश कुमार ने नरेंद्र मोदी को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए एन डी ए से ख़ाहिश की थी कि अगर वो 2014 के लोक सभा इलेक्शन के लिए वज़ीर-ए-आज़म के ओहदा के लिए किसी शख़्स के नाम का ऐलान करना ही चाहती है तो कम से कम ये ज़रूर देख लें कि वो शख़्स या क़ाइद (लीडर) सैक्यूलर हो ।

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