Tuesday , January 23 2018

पटना में रघुवर ने नीतीश पर साधा निशाना, डीएनए का मतलब धोखा नौटंकी और घमंडी

पटना : झारखंड के वजीर आला रघुवर दास ने कहा है कि भाजपा का बिहार में सबका साथ-सबकी तरक़्क़ी के साथ अच्छी सरकार देना तरजीह है। लोगों में तब्दील की भूख दिखायी दे रही है और भाजपा कियादत में बिहार में राजग की हुकूमत बननी तय है। उन्होंने डीएनए का नया मतलब भी बताया। कहा, डीएनए का मतलब होता है धोखा, नौटंकी व घमंडी। मिस्टर दास बुध को भाजपा दफ्तर में सहाफ़ियों से बात कर रहे थे।

वजीर आला मिस्टर दास ने कहा कि एनडीए का कुदरती इत्तिहाद है, जबकि उनका इत्तिहाद ताजाद की इत्तिहाद है। 25 साल से बिहार के लोग इक्तिदार झेल रहे थे और अब उससे निजात पाने का मन बना लिया है।

उन्होंने कहा कि कभी दोहा के जरिये से तो कभी बातों के जरिये वि मुखालिफो का ताजाद सामने आ रहा है। उन्होंने चंदन व भुजंग जैसे लफ़्ज़ को वापस लेने और इसके लिए अवाम से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि वजीरे आजम ने जिस सियासी डीएनए की बात कही थी , उसका गलत मतलब निकाला जा रहा है।

डीएनए का मतलब होता है धोखा, नौटंकी व घमंड। नीतीश कुमार का नाम लिये बिना झारखंड के वजीरे आला ने कहा कि पहले तो इन्होंने अवाम को धोखा दिया और अब नौटंकी के जरिये अपना घमंड दिखा रहे हैं। उनका एक ही मकसद है। किसी तरह हुकूमत पाना।

मिस्टर दास ने सवालिया लहजे में कहा कि किस बिहारी खुद्दारी की बात कर रहे हैं। क्या बिहार में पद्म विभूषण व पद्मश्री के लिए एक भी लोग नहीं हैं। बिहार ने मुल्क को महान हस्तियां दी। आज भी कमी नहीं है, लेकिन बिहार हुकूमत ने पद्म इनाम के लिए एक भी सख्श का नाम नहीं भेजा। बिहार सिर्फ लालू-नीतीश का नहीं है। इनका सियासी डीएनए बिहार नहीं है। उन्होंने कहा कि 25 साल से ये राज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जब से वजीरे आजम बने हैं मुल्क तरक्की की राह पर है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने 25 साल में बिहार को क्या दिया। सिर्फ जात-पात, फिरका वाराना का जहर। उनकी तरजीह है हुकूमत पाना। सामाजिक इंसाफ के नाम पर लालू प्रसाद ने सिर्फ अपने खानदान का इंसाफ किया।

उन्होंने दिल्ली का मिसाल देते हुए कहा कि हुकूमतों के दरमियान बातचीत हो तनाज़ा नहीं। इत्तिहाद के लोग कुर्सी पूजा में लगे हैं जबकि भाजपा तरक़्क़ी के जरिए अवाम की तरक़्क़ी में जुटी है। इस मौके पर एसेम्बली कोंस्लर डॉ सूरज नंदन कुशवाहा, डॉ संजय मयूख व रियासती तर्जुमान डॉ योगेंद्र पासवान मौजूद थे।

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