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पटेल बिरादरी का एहतेजाज तरक़्क़ी के गुजरात मॉडल की नाकामी

हैदराबाद 28 अगस्त:सी पी एम के जनरल सेक्रेटरी सीताराम यचोरी ने कहा कि गुजरात में तरक़्क़ी याफताह पटेल बिरादरी की तरफ से ओ बी सी कोटा के मुतालिबे पर जारी एहतेजाज से तरक़्क़ी के गुजरात मॉडल से मुताल्लिक़ बी जे पी के दावों का इफ़शा हो गया है और ये भी वाज़िह हो गया हैके सभी तबक़ात की तरक़्क़ी के दावे भी खोखले साबित हो गए हैं।

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए उन्होंने कहा कि तहफ़्फुज़ात के मुतालिबात एसे वक़्त पैदा होते हैं जब मियार-ए-ज़िंदगी में बेहतरी के मवाक़े रोज़गार और तालीम के मवाक़े कम होजाते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरक़्क़ी याफताह समझी जाने वाली पटेल बिरादरी की तरफ से अगर तहफ़्फुज़ात का मुतालिबा किया जा रहा है तो ये सबूत हैके गुजरात मॉडल सभी तबक़ात की तरक़्क़ी पर राज़ी नहीं है।

इस एहतेजाज से वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी की तरफ से किए जानेवाले तमाम दावे और गुज़शता दो साल से ख़ुद-साख़्ता गुजरात मॉडल के ताल्लुक़ से जो प्रोपगंडा किया जा रहा है इस की क़लई खुल गई है। ये वाज़िह करते हुए कि पटेल बिरादरी में ज़बरदस्त नाराज़गी पाई जाती है यचोरी ने कहा कि इस से साफ़ तौर पर दिखता हैके गुजरात मॉडल से बहुत ही कम अफ़राद को फ़ायदा हुआ है और सारी आबादी या फिर समाज के कुछ बड़े तबक़ात को भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि एसे में कहा जा सकता हैके ये गुजरात मॉडल की नाकामी है। उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात हैके गुजरात में तशद्दुद पर क़ाबू पाने के लिए फ़ौज को तलब कर लिया गया है लेकिन इस वक़्त की गुजरात हुकूमत ने 2002 के फ़िर्कावाराना फ़सादाद में फ़ौज को तलब करने में इतनी जल्दी नहीं दिखाई थी।

उन्होंने कहा कि 2002 को याद करने की ज़रूरत है जब उस वक़्त की हुकूमत ने फ़ौज को एक तवील तवील वक़्त तक तलब नहीं किया था जितनी जल्दी अब किया गया है। अब गुजरात हुकूमत को मुहासिबा करने की ज़रूरत है। ये सबूत हैके इस वक़्त किस तरह का रोल अदा किया गया था। गुजरात में पटेल बिरादरी की तरफ से कोटा का मुतालिबा करते हुए शिद्दत से एहतेजाज शुरू किया गया है जो पुर तशद्दुद मोड़ इख़तियार कर गया है और इस में अब तक जुमला 10 अफ़राद हलाक हो गए हैं।

यहां बड़े शहरों में तशद्दुद पर क़ाबू पाने के लिए फ़ौज को तलब कर लिया गया है । उन्होंने एन डी ए हुकूमत पर ये इल्ज़ाम भी आइद किया कि उसने बिहार के असेंबली चुनाव में फ़ायदा हासिल करने के लिए राय शुमारी के मज़हब पर मबनी आदाद-ओ-शुमार जारी किए हैं। सी पी एम जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी इसी फ़ैसला साज़ी के मफ़लूज होजाने का इज़हार कर रहे हैं जो सूरत-ए-हाल साबिक़ा मनमोहन सिंह हुकूमत में पैदा हुई थी।

उन्होंने वज़ीर-ए-आज़म के बैरूनी दौरों पर भी तन्क़ीद की और कहा कि अब तक मोदी 24 ममालिक के दौरे कर चुके हैं। उन्होंने वादा किया था कि हज़ारों करोड़ रुपये की सरमाया कारी आऐगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है ।उन्होंने हुकूमत की मआशी पालिसीयों पर भी सख़्त तन्क़ीद की।

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