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पठानकोट हमला: पुलिस को मामले में खानाबदोश गुज्जरों की मिलीभगत का शक।

पंजाब: पठानकोट एयर बेस हमले की घटना को लेकर अभी तक इंटेलिजेंस एजेंसीज के सामने बहुत से अनसुलझे सवाल खड़े हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है। इन्हीं सब सवालों में एक ऐसा सवाल भी उभर कर आ रहा है जिसको लेकर पुलिस, नया और बाकी एजेंसियों का अपना अपना नजरिया है, और वह सवाल यह है कि हमलावर देश की सरहदों को पार कर एयर बेस स्टेशन में घुसने में कैसे कामयाब हो गये?

इस बारे में बात करते हुए पंजाब पुलिस के एक आला अफसर ने कहा कि “इस मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी, पुलिस की तफ्तीश जब तक पूरी नहीं हो जाती तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता

वैसे तो पुलिस की तफ्तीश अभी पूरी नहीं हुई है लेकिन सूत्रों के हवाले से हमें यह बात पता चली है कि पुलिस की शक की सुई इलाके में रहने वाले खानाबदोश गुज्जर परिवारों के तरफ भी इशारा कर रही है। पुलिस पर इन मुस्लिम गुज्जरों पर शक करने की वजह कुछ हद तक जायज़ भी है क्यूंकि एयरफोर्स स्टेशन में बहुत से कामों को लेकर इन गुज्जरों का आना जाना लगा रहता है।

इन गुज्जरों के बारे में आपको बता दें की यह लोग ख़ास तौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग हैं जो अपना और अपने परिवार का पेट गायें, भैंसें, बकरियां और भेड़ें पाल कर उनका दूध, मांस और ऊन बेच कर करते हैं। सर्दियों के मौसम में यह गुज्जर लोग पहाड़ी इलाकों में खाने की कमी होने की वजह से मैदानी इलाकों में आकर बस जाते हैं और कहीं भी खुली जमीन देखकर अपना डेरा जमा लेते हैं। हालाँकि बहुत सारे गुज्जरों ने अब मैदानी इलाकों में भी अपने घर बना लिए हैं लेकिन ज्यादातर के लिए खानाबदोशी की यह ज़िन्दगी अभी भी चल रही है। पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों में इन गुज्जर समुदाय के लोगों की तादाद काफी है।

इलाके के लोगों से इनका इलाके की सांझी जमीन पर डेरा डालने की वजह से झगड़ा भी रहता है और लोग इनके पशुओं की तरफ से फैलाई जा रही गन्दगी से भी परेशान रहते हैं। इन गुज्जरों को एयरफोर्स स्टेशन के अंदर अपने जानवरों को घास चराने जाने देने की इजाज़त मिली हुई है जिसके लिए इन्हें परमिट भी दिया जाता है और एंट्री के वक़्त इन्हे वो ID कार्ड चेक करवाना होता है। लेकिन परेशानी यह है कि कार्ड तो एक होता है लेकिन उसके जरिये पूरे परिवार को एयर बेस के अंदर एंट्री मिल जाती है जो कि एयरबेस की सुरक्षा की एक बड़ी खामी है। एयरफोर्स बेस स्टेशन में अपने पशुओं को घास चराते इन लोगों को स्टेशन के चप्पे चप्पे की खबर होती है। इसी वजह से पुलिस इस बात का शक जाहिर कर रही है कि आतंकी गुज्जरों के भेस में एयरफोर्स स्टेशन के अंदर घुसे होंगे

हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि उन्होंने गुज्जर परिवारों के मेंबरों की गिनती शुरू कर दी है जबकि होशियारपुर जिले की एसएसपी धनप्रीत कौर ने बताया है कि हमारे पास हमारे जिले में रह रहे गुज्जरों का पूरा रिकॉर्ड है और पुलिस वक़्त वक़्त पर उस रिकॉर्ड को अपडेट भी करती रहती है।

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