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पढ़िए, योगी राज्य में हिन्दुत्व को मुद्दा बनाकर कैसे की गयी कानून की अंदेखी?

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सत्ता में अपने एक साल पूरे कर चुकी है. बीते एक साल में सरकार कई मुद्दों को लेकर विवादों में घिरी है. इन सभी विवादों में से एक मुद्दा हिंदुत्व का रहा, जिसने योगी की चिंताओं को बढ़ाया है. ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें साफ दिखा है कि हिंदुत्व के नाम पर कई बार कानून की सीमा को लांघा गया.

1. सहारनपुर से बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने बीते साल 20 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के नाम पर शोभा यात्रा निकाली. जो कि असल जयंती के 6 दिन बाद थी. उन्हें शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी गई थी. लेकिन बाद में आरोप लगा कि लखनपाल के समर्थकों ने वहां पर एसएसपी के घर पर हमला किया. उनका मकसद एसएसपी को सबक सिखाने का था.

इसके बाद यात्रा ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. इस दौरान लखनपाल समर्थक और दूसरे समुदाय के लोगों के बीच काफी झड़प हुई थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले में दखल देना पड़ा था और उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

2. इस घटना के हफ्तेभर बाद ही आगरा में एक घटना सामने आई. इसमें आरएसएस, वीएचपी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस स्टेशन पर हमला कर उसे आग के हवाले कर देने का आरोप था. दरअसल, कुछ आरएसएस कार्यकर्ताओं को मुस्लिम शख्स की एक दुकान पर हमला करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था. जिसका ये लोग विरोध कर रहे थे. मामला सामने आने के बाद दो केस दर्ज किए गए थे, हालांकि इसमें आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई.

3. 2017 में ही मई के दौरान मोहब्बत की निशानी कहे जाने वाले ताजमहल में भगवा दुपट्टों को लेकर बवाल हुआ था. 42 विदेशी मॉडल्स को ताजमहल में एंट्री से पहले उनका भगवा दुपट्टा उतरवाया गया. इसे लेकर वीएचपी और बजरंग दल के समर्थकों ने ताजमहल के बाहर प्रदर्शन भी किया था. हालांकि, बाद में सरकार को इस मामले में सफाई देनी पड़ी थी. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा था कि किसी भी तरह के कपड़े पर कोई रोक नहीं है.

4. इसके अलावा भी प्रदेश में कई जगह ऐसे मामले सामने आए जिनमें वीएचपी, बजरंग दल, बीजेपी युवा मोर्चा, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन पर हमले किए. फतेहपुर सीकरी, मथुरा में ऐसे कई मामले देखने को मिले थे.

5. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मामले ने सभी को चौंका दिया था. जब एक मुस्लिम लड़का अपनी मंगेतर को घर छोड़ने जा रहा था, तभी हिंदू युवा वाहिनी के लोगों ने उनपर हमला बोल दिया. मेरठ में ही हिंदू युवा वाहिनी के लोगों ने एक मुस्लिम युवक और हिंदू लड़की को घर से जबरदस्ती निकालकर पीटा. इसे लव जिहाद का मामला बताया जा रहा था.

6. इसी साल फरवरी में फिरोजाबाद में बीजेपी नेता नानक चंद अग्रवाल के समर्थकों पर पुलिस अफसर से बदसलूकी करने का आरोप लगा था. आरोप था कि पुलिस वाला एक मुस्लिम युवक को बचा रहा था, लेकिन बीजेपी समर्थकों ने उसकी पिटाई कर दी. नानक चंद अग्रवाल बीजेपी के नेशनल जनरल सेकेट्ररी अनिल जैन के भाई हैं.

7. गणतंत्र दिवस के अवसर पर कासगंज में निकली तिरंगा यात्रा के कारण काफी हंगामा हुआ था. ये तिरंगा यात्रा ABVP और VHP के लोगों ने निकाली थी. जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव हो गया था. हिंसा में चंदन गुप्ता नाम के एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी. इसके बाद मकान और दुकानें जलाई जाने लगीं. तीन दिन तक कासगंज जलता रहा. इस मामले में दोनों समुदाय के 112 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

साभार- आज तक

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