Wednesday , January 17 2018

पतंजलि आयुर्वेद के 33 विज्ञापनों में से 25 भ्रमित और धोखेबाजी करने वाला है: एएससीआई

योगगुरु बाबा रामदेव ने जहां पतंजलि के उत्पादों और विज्ञापनों से अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों की नींद उड़ने का दावा कर रहे हैं, वहीं ‘द एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड कॉसिल ऑफ इंडिया’ (एएससीआई) ने कहा है कि बाबा के 33 विज्ञापनों में 25 ग्राहकों को दिग्भ्रमित करने और मिथ्या प्रचार करने वाला है।

गुरुवार को योगगुरु बाबा रामदेव ने सातवें भारतीय छात्र संसद में कहा था कि पतंजलि के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नींद उड़ी हुई हैं। कोई भी मल्टी नैशनल कंपनी भारत को पैसा देने नहीं आ रही है। उनके दिल में भारत के लिए कोई प्यार नहीं है। यहां वे मुनाफा कमाने आ रही हैं। यहां वे एक रुपया लेकर आती हैं और 100 रुपये लेकर जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि पतंजलि से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नींद उड़ी हुई है।

सरकार के तरफ से लोकसभा में साझा किए गए 2013 और 2016 के बीच के आकड़ों के मुकाबिक, एएससीआई ने पाया है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आने वाले 500 से अधिक विज्ञापन झूठे, भ्रम और निराधार दावे किए। अप्रील 2015 से जुलाई 2016 के बीच की एक रिपोर्त एएससीआई ने दिया है जिसमें उसने कहा है कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के 33 विज्ञापनों में से 25 में मापदंडों का उल्लंघन पाया गया है।

बता दें कि द एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड कॉसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) विज्ञापन उद्योग का एक स्वैच्छिक आत्म नियामक संस्था है। यह विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सुनता है और उस पर फैसला करता। यह भ्रामक, झूठे और निराधार दावे करने विज्ञापनों पर नजर रखता है। गौरतलब है कि बाबा राम देव अपने उत्पादों को पूरी तरह से आयुर्वेदिक होने का दावा करते हैं। पर उनके कुछ गलत उत्पाद को लेकर सोशल मीडिया और अखबारों में खबरें आती रही हैं। कुछ दिन पहले अपने पुत्रजीवक बीज वाले उत्पाद को लेकर बाबा विवादों में घिरे थे जिसमें दावा किया था कि उनका यह उत्पाद पुत्र की चाहत रखने वाले दम्पतियों के लिए लाभदायक है।

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