Wednesday , December 13 2017

पत्नी की रिहाई के लिए भूख-हड़ताल कर रहे ईरानी कार्यकर्ता अर्श सादेगी की हालत गंभीर

ईरान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अर्श सादेगी अपनी पत्नी गोलरोख इब्राहिमी की रिहाई की मांग को लेकर लगभग दो महीनों से भूख-हड़ताल पर हैं। अर्श का स्वास्थ्य अचानक से खराब हो गया जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया है कि उनकी हालत अभी बेहद खराब है और उनका वजन 20 किलो घट गया है।

अर्श सादेगी ने एक खत लिख अपना विरोध जताया है और कहा है कि वो अपनी पत्नी के अधिकार के लिए अंतिम सांस तक खड़ते रहूंगें।उनकी पत्नी और लेखिका गोलरोख इब्राहिमी को छह साल की सजा सुनाई गई है। अर्श का मानना है कि उनकी पत्नी की  गिरफ्तारी गलत तरीके से की है और इसी को लेकर वो भूख हड़ताल पर हैं। उनकी पत्नी गोलरोख पर आरोप है कि उन्होंने इराक में पत्थर मार कर मौत की सजा के ऊपर एक काल्पनिक कहानी (अप्रकाशित) बनाई थी। साल 2014 में यह कहानी ईरान के एक प्रशासनिक अधिकारी के हाथ लगी। उसके बाद अर्श और उनकी पत्नी से कई बार पूछताछ कई गई थी। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस कहानी के जरिए उन्होंने  इस्लाम का अपमान किया है। उसके बाद साल 2016 में इब्राहिमी को छह साल की सजा सुनाई गई।

गौरतलब है कि अर्श सादेगी ईरानी छात्र और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वे ईरान की जेलों में होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर लड़ते रहे हैं। अर्श ने जेलों में बंद कैदियों पर होने वाले अत्याचार, मेडिकल उपचार की कमी और कैदियों के लिए वकीलों की सुविधा न होने  जैसी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहते हैं।

अर्श को 7 जून 2016 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्ला खुमैनी का अपमान, झूठी खबर और व्यवस्था के खिलाफ प्रचार जैसे आरोपों में 19 साल की सज़ा सुनाई गई। ईरान सरकार पर आरोप है कि अर्श को उनके सुनवाई के दौरान कोई वकील भी उपलब्ध नहीं कराया गया। अर्श को इससे पहले भी कई बार गिरफ्तार किया गया था पर वो जमानत पर छुट गए थे। अर्श को लेकर सोशल मीडिया पर आवाजें उठ रही है। दुनियाभर के कई मानवाधिकार कार्यकर्तओं ने अर्श और उनकी पत्नी की रिहाई की मांग की है। फेसबुक पर ‘फ्री अर्श सादेगी’ नाम का पेज बनाया गया है और रिहाई की मांग की जा रही है। ट्विटर पर अर्श टॉप ट्रेंड कर रहे हैं।

 

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