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पदक से वंचित किए जाने के 10 साल बाद पूर्व खिलाड़ी शांति सौंदराजन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज करेगी केस

दोहा एशियाई खेलों के दौरान लिंग परीक्षण में विफल रहने के बाद पदक से वंचित किए जाने के 10 साल बाद पूर्व खिलाड़ी शांति सौंदराजन ने अधिकारियों के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन का मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है जिसमें भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और भारतीय ओलंपिक संघ भी शामिल है। शांति का 2006 एशियाई खेलों का महिला 800 मीटर का रजत पदक एशियाई ओलंपिक परिषद ने वापस ले लिया था। उन्होंने अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

गैर सरकारी संस्था सृष्टि मदुरै के प्रमुख गोपी शंकर ने बताया कि शांति अब मद्रास उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। एएफआई अध्यक्ष आदिले सुमारिवाला ने हालांकि कहा कि महासंघ अधिक कुछ नहीं कर सकता क्योंकि शांति पर प्रतिबंध एशियाई खेलों के दौरान ओसीए ने लगाया और उसका पदक छीना।

शंकर ने बताया कि दस्तावेजों की कमी के कारण शांति मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज नहीं कर पाई थी। शंकर ने बताया, ‘क्या आप कल्पना कर सकते हो कि शांति को 2006 में दोहा में हुए परीक्षण की रिपोर्ट नहीं दी गई और अब 10 साल हो चुके हैं। रिपोर्ट हासिल करने के लिए मैंने आरटीआई दायर की। उसने भी एक अन्य आरटीआई डाली लेकिन उसे वह रिपोर्ट नहीं मिली जिसके आधार पर उसे प्रतिबंधित किया गया और उसका पदक छीना गया।’

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