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पश्चिमी देशों के लिए सीरियाई निवासियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं जानवर: तुर्की

अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दुआन ने पश्चिमी देशों की सरकारों की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्हें समलैंगिक और पशुओं की ज्यादा चिंता है।

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार रजब तैयब इर्दुआन ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगायाहै कि उनके लिए संकट से जूझ रहे सीरियाई शरणार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के प्रयासों से अधिक समलैंगिक और पशुओं के अधिकार महत्वपूर्ण हैं।

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शुक्रवार को तुर्की के पश्चिमोत्तर भाग में एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए रजब तैयब इर्दुआन ने पश्चिम पर यह आरोप भी लगाया कि वह (पश्चिमी देश) एक ऐसी मानसिकता को बढ़ावा दे रहा है जो ‘गुलामी और औपनिवेशिक काल को दर्शाती है’ ।

एएफपी के अनुसार तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दुआन से यूरोपीय संघ के खिलाफ सख्त बयान ऐसे समय सामने आ रहे हैं जब यूरोपीय संघ की तरफ से तुर्की से मांग की गई है कि अगर वह चाहता है कि उसके निवासियों को यूरोपीय देशों में बिना वीजा यात्रा की सुविधा मिल जाए तो उसे आतंकवाद से संबंधित अपने नियम बदलने होंगे और उन्हें यूरोपीय मानकों के अनुसार बनाना होगा।

सभा को संबोधित करते हुए इर्दुआन का कहना था, ” उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो इन महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए कोई  एहसास नहीं दिखा रहे हैं, जो मदद के लिए उन तक पहुंचे हैं। ” इर्दुआन का कहना था, ” उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो व्हील मछलियों, सेल या सील और कछुओं के लिए जितना भावना दिखा रहे हैं उनका इतना एहसास 23 लाख सीरियाई नागरिकों के लिए नहीं है। ”

इस साल मार्च में यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच एक समझौता संपन्न हुआ था जिसका उद्देश्य शरणार्थियों और आप्रवासियों के इस बाढ़ को रोकना था जो यूरोप की ओर रुख कर रहा था। इस समझौते के अनुसार तुर्की को ऐसे आप्रवासियों और शरणार्थियों को अपनी धरती पर ही रोकना था जो नौकाओं के माध्यम से यूरोप पहुंच रहे थे। इस समझौते में यह भी तय हुआ था इस तरह ग्रीस पहुंचने वाले अवैध प्रवासियों को वापस तुर्की भेज दिया जाएगा। इसके जवाब में यूरोपीय संघ तुर्की को न केवल अपनी धरती पर मौजूद शरणार्थियों की देखभाल के लिए सहायता प्रदान की जानी थी, बल्कि तुर्क नागरिकों को वीजा के बिना यूरोपीय संघ में यात्रा की अनुमति दी जानी थी।

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इस समझौते के अमल में आने के बाद यूरोप का रुख करने वाले प्रवासियों की संख्या में अत्यधिक कमी हो चुकी है।

हालांकि इर्दुआन ने गुरुवार 12 मई को कहा था कि यूरोपीय संघ अब तुर्क निवासियों को वीजा मुक्त प्रवेश के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रही है। तुर्क राष्ट्रपति का कहना था कि समझौता होने के बाद संघ के द्वारा ऐसी 72 शर्तें लगाई गई हैं, जो पहले नहीं थीं।

दूसरी ओर यूरोपीय संसद का कहना है कि जब तक अंकारा सरकार यूरोपीय संघ की शर्तें पूरी नहीं करती, तब तक तुर्क नागरिकों को बिना वीजा यात्रा की सुविधा देने के विषय पर कोई संसदीय बहस या परामर्श नहीं हो सकता।

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