पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दिया विवादित बयान, कहा- ‘TMC नेताओं को धमकी दी’

पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दिया विवादित बयान, कहा- ‘TMC नेताओं को धमकी दी’
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने विवादित बयान दिया है। इस्लामपुर में दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की निंदा करते हुए भाषा की मर्यादा भूल गए।

दिलीप घोष ने कहा, ‘सब बदला लिया जाएगा. कुछ नहीं भूलूंगा. सबकी चमड़ी उधेड़ दूंगा। शरीर पर नमक लगाऊंगा, पानी नहीं दूंगा, सड़क पर दौडाऊंगा. पूरा बदला लूंगा.’

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, ‘सरकारी बंगला नहीं देने और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या का बदला लूंगा. उन्होंने दावा किया किया लोकसभा चुनाव में बीजेपी पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

इस्लामपुर की इसी सभा में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जंगल राज चल रहा है। पुलिस रक्षक की भूमिका में नहीं बल्कि, भक्षक की भूमिका निभा रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने तृणमूल कांग्रेस को उसके नेताओं की इस टिप्पणी को लेकर एक कानूनी नोटिस भेजा है कि पिछले महीने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में हुई उस झड़प के पीछे संघ था, जिसमें दो छात्रों की मौत हो गई थी।

पुलिस ने कहा है कि गत 20 सितम्बर को इस्लामपुर में दरीभीत हाईस्कूल में उर्दू और संस्कृत शिक्षकों की भर्ती को लेकर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हुई झड़प में एक कालेज छात्र तपस बर्मन और एक आईटीआई छात्र राजेश सरकार की मौत हो गई थी।

पीड़ित छात्रों के परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों और भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि छात्र पुलिस गोलीबारी में मारे गए। हालांकि राज्य सरकार और पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया था। तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया था कि आरएसएस-बीजेपी ने एक षड्यंत्र रचा और वही छात्रों की मौत के पीछे है।

आरएसएस प्रवक्ता जिशनू बसु ने गुरूवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हमने तृणमूल कांग्रेस को एक कानूनी नोटिस भेजा है। उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए या तो माफी मांगनी होगी या उन्होंने आरएसएस के बारे में जो कुछ भी कहा है उसे साबित करना होगा।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कानूनी नोटिस अदालत में कोई मामला दायर करने से पहले का कदम होता है।

बसु ने कहा, यदि तृणमूल कांग्रेस सच्चाई सामने लाने को लेकर इतनी इच्छुक है तो उसे जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। दोनों छात्रों के परिवारों के सदस्यों और बीजेपी ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी है।

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