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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव: टीएमसी और बीजेपी में झड़प शुरू, नामांकन के दौरान हिंसा!

मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान जमकर हिंसा हुई। पूरे राज्य में हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं। कई अन्य जिलों में विपक्षी पार्टियों के साथ तृणमूल कार्यकर्ताओं कि हिंसक झड़पें हुई हैं। तृणमूल नेताओं द्वारा नामांकन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के समाचार मिल रहे है।

हमले को देखते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष की अगुवाई में बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मिला। बीजेपी ने पंचायत चुनाव में हिंसा को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

बीजेपी का कहना है कि अगर हिंसा रोकने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव असंभव होगा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। लोकतंत्र का मजाक बना दिया गया है।

पंचायत चुनाव से पहले नामांकन की दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो राजनीतिक गुटों के बीच हुए संघर्ष के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि मालदा के कालियाचक में सोमवार को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उधर वीरभूमि में तृणमूल के एक कार्यकर्त्ता पर एक कांग्रेस पार्षद को पीटने का आरोप है। मानिकचक इलाके में एक अन्य घटना में एक व्यक्ति को पीट कर घायल कर दिया गया। मुर्शिदाबाद में बीजेपी जिला अध्यक्ष गौरीशंकर घोष को पीटा गया।

आरोप लगाया गया कि जब गौरीशंकर घोष लालबाग बीडीओ ऑफिस नामांकन पत्र लेने गए थे तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीडीओ ऑफिस में उनको घेर कर मार दिया। आरोप है कि उन्हें अपना फॉर्म नहीं लेने दिया गया। इस घटना में कम से कम दर्जन भर भाजपा कार्यकर्ता हताहत बताये जा रहे हैं।

हुगली जिले में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर भी हमले की खबर है। यहाँ पुलिस की सामने भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई का आरोप है। कूचबिहार में एसयूसीआई की उम्मीदवार करनी दास की भी पिटाई किये जाने की आरोप लगे हैं। यह घटना दिनहाता बीडीओ ऑफिस में हुई। हमले में घायल करनी दास को दिनहाता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दिलीप घोष ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर पलटवार की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ‘हम शांत हैं इसका मतलब यह नहीं है कि हम टीएमसी के गुंडों से डरते हैं।’ उन्होंने कहा कि अगर ये घटनाएं रोकी नहीं गईं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

बता दें कि मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने ही टीएमसी कार्यकर्ता बीजेपी उम्मीदवार की पिटाई कर रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद ही बीजेपी ने यह चेतावनी दी है।

सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने हिंसा से जुड़े सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, “एक खास पार्टी के नेता जिस आवाज में बात कर रहे हैं, वो बताता है कि लोकतंत्र में उनका भरोसा नहीं है।”

उधर राज्यपाल केएन त्रिपाठी ने राज्य के चुनाव आयुक्त ए के सिंह से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।

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