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पहली पत्नी नुफ़्क़ा बजाय तलाक अदालत ने एक व्यक्ति की दूसरी शादी रोक दी

जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को उसकी दूसरी शादी से कुछ घंटे पहले ही ऐसा करने से रोक दिया क्योंकि एक महिला ने शिकायत की कि उसे उस व्यक्ति ने तलाक दिया है लेकिन यह तलाक शरई आधार अस्वीकार्य है। हाईकोर्ट ने इस व्यक्ति वसीम खान को बुलाया और उसे नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। दरख़ास्त गुज़ार अमरीन बानो वकील रंजना शर्मा के मुताबिक वसीम खान ने अमरीन 2013 में शादी की थी लेकिन उनकी शादी के बाद में दहेज की मांग के कारण कठिनाइयों का शिकार हो गई।

बाद में वसीम ने उसे अपने घर से निकाल दिया पती के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया गया, जिस पर अदालत ने मासिक 4,000 रुपये नुफ़्क़ा की हिदायत दी। बजाय वसीम ने त्याग पत्र रवाना कर दिया। जब यह सूचना मिली थी कि वसीम दूसरी शादी करना चाहता है अमरीन ने अदालत से उल्लेख किया और कहा कि उसके पति ने उसे जो तलाक दिया है वह शरीयत कानून की प्रासंगिकता नहीं है।

यह त्यागपत्र महिला 2015 में मिला था वकील के मुताबिक उस पर दो मुस्लिम गवाह होने चाहिए थे लेकिन केवल एक गवाह हस्ताक्षर है इसलिए त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पर अदालत ने उस व्यक्ति को दूसरी शादी से रोक दिया।

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