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पांचवें फेज़ इंतिख़ाब : बीजेपी को पप्पू यादव और औवेसी पर टिकी निगाहें

पटना : बिहार में चौथे फेज के रायशुयारी का फीसद बढ़ने के बाद भाजपा कियादत ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन आखिरी फेज का घमासान अभी भी उसके लिए काफी मुश्किल बना हुआ है। पीर को तशहीर खत्म होने से पहले नरेंद्र मोदी ने दरभंगा की इजलास के अपना मुहिम पूरा कर लिया है। मंगल को भाजपा के बाकी लीडर आखिरी इजलास करेंगे, लेकिन पार्टी जमीनी फोर्मूले को ज्यादा अहमियत दे रही है। इसके लिए उसकी दो सतही पॉलिसी में अपनी मजबूत सीटों पर जीत हासिल करने के साथ कमजोर सीटों पर अज़ीम इत्तिहाद को न जीतने देना शामिल है।

राजद-जदयू-कांग्रेस के अजीम इत्तिहाद के लिए सबसे मुफीद पांचवां फेज माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा की उम्मीदें अपनी ताकत के साथ पप्पू यादव की तरफ से बनाया गया मोर्चा और असासुद्दीन औवेसी की एआईएमआईएम के मुजाहिरे पर भी टिकी है। ये दोनों ताकतें जितना अच्छा मुजाहिरा करेगी, भाजपा को उतना ज्यादा फाइदा होगा। ज़राये के मुताबिक भाजपा हिमायती तबके यहां पर अजीम इत्तिहाद को हराने के लिए के लिए पॉलिसी वाइज़ रायशुमारी कर सकते हैं। इसमें एनडीए उम्मीदवार के न जीतने की हालत में अजीम इत्तिहाद को हराने में काबिल किसी और उम्मीदवार की मदद कर सकते हैं। भाजपा लीडर अपनी जीत के फी यकीन तो हैं, लेकिन वे इंतिख़ाब बाद की सभी इमकानात की तजवीज करके भी चल रहे हैं। किसी के हक़ में बहुमत ने मिलने पर खुद को सबसे बड़ा पार्टी और एनडीए को सबसे बड़े इत्तिहाद के तौर में रखना चाहती है, ताकि हुकूमत बनाने का उसका दावा मजबूत रह सके।

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