Thursday , September 20 2018

पांच महीने के ऊंचे स्तर 5% पर पहुंची खुदरा महंगाई दर, आईआईपी भी बढ़कर 3.2%

Asian men are choosing to shop In the supermarket

अर्थव्यवस्था के मोर्चे से आपके लिए बुरी खबर है. जून में खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी हो गई है यानी आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है. जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5 फीसदी पर पहुंच गई जो पिछले महीने मई में 4.87 फीसदी पर थी. खुदरा महंगाई दर लगातार तीसरे महीने बढ़ी है और रिटेल महंगाई दर का पिछले पांच महीने में यह सबसे ऊंचा आंकड़ा है.

 

खाने-पीने की चीजों के दाम में थोड़ी नरमी आने के बावजूद जून महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 5 फीसदी पर पहुंच गई. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कंज्यूमर प्राइस इंफ्लेशन (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस साल मई में 4.87 फीसदी और पिछले साल जून में 1.46 फीसदी रही थी. इससे पहले जनवरी 2018 में यह 5.07 फीसदी के उच्च स्तर पर थी.

 

श्रेणीवार महंगाई के आंकड़े
केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार खाने-पीने के सामान में महंगाई दर कम होकर जून में 2.91 फीसदी पर आ गयी. जबकि मई में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 3.1 फीसदी रही थी.

 

हालांकि, फ्यूल और पावर सेगमेंट में मुद्रास्फीति बढ़कर जून में 7.14 फीसदी पर पहुंच गयी जो कि मई में 5.8 फीसदी पर आई थी.

 

सरकार ने रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति चार फीसदी के आसपास रखने का निर्देश दिया है. रिजर्व बैंक को इसे चार फीसदी से दो फीसदी अधिक या कम के दायरे का लचीलापन भी दिया गया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ब्याज दरों की समीक्षा के लिए इस महीने के बाद में बैठक करने वाली है.

 

हालांकि आईआईपी के मोर्चे से आपके लिए अच्छी खबर है. मैन्यूफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्रों का प्रदर्शन हल्का रहने के बावजूद मई में देश के औद्योगिक उत्पादन में 3.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. पिछले साल मई में यह विकास दर 2.9 फीसदी रही थी.

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार महीने में उद्योगों के लिहाज से मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के 23 इंडस्ट्रियल समूहों में से 13 में बढ़त देखी गई. इस दौरान माइनिंग, विनिर्माण, और बिजली क्षेत्रों की विकास दर पिछले साल मई के मुकाबले क्रमश: 5.7 फीसदी, 2.8 फीसदी और 4.2 फीसदी रही. वहीं अप्रैल-मई 2018 की अवधि में उक्त क्षेत्रों की संचयी वृद्धि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.9 फीसदी, 4.0 फीसदी व 3.1 फीसदी रही.

 

वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स व नॉन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की विकास दर मई माह में क्रमश: 4.3 फीसदी और (-) 2.6 फीसदी रही है.

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