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पाइपलाइन है, पर नहीं आता पानी, बोरिंग भी फेल

रांची 30 मई : वार्ड नं 37 का हरमू हाउसिंग इलाका खुश्क जोन में तब्दील होता जा रहा है। वार्ड के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए सुबह से शाम तक जद्दो-ज़हद करते हैं। यहां रहनेवाले ज़्यादातर लोगों ने अपने ज़ाती रिहायिसगाह में 200-250 फीट तक की बोरिंग

रांची 30 मई : वार्ड नं 37 का हरमू हाउसिंग इलाका खुश्क जोन में तब्दील होता जा रहा है। वार्ड के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए सुबह से शाम तक जद्दो-ज़हद करते हैं। यहां रहनेवाले ज़्यादातर लोगों ने अपने ज़ाती रिहायिसगाह में 200-250 फीट तक की बोरिंग भी करायी थी, पर पानी सतह के नीचे जाने की वज़ह अब बोरिंग भी फेल हो गया है।

इतना ही नहीं, कॉलोनी के कई इलाकों में पाइपलाइन का कनेक्शन तो है, पर उसमें भी पानी नहीं आता है। वहीं म्युनिसिपल कार्पोरेशन की तरफ लगाये गये ज़्यादातर चापाकलों से भी पानी नहीं आता। पूरे वार्ड के लिए कार्पोरेशन सिर्फ एक टैंकर पानी हर रोज भेजा जाता है, इससे लोगों के पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।

सरकारी चापाकल भी बेकार
ओल्ड हरमू कॉलोनी, न्यू हरमू कॉलोनी, आजाद हिंद नगर, टुंगरी टोला और अपर टुंगरी टोला में कार्पोरेशन की तरफ से 32 चापाकल लगाये गये हैं। पर इस इलाके में 32 में से सिर्फ छह चापाकल से ही पानी मिल रहा है।

पाइपलाइन मंसूबा अधर में
दिनोंदिन गिरते पानी सतह को देखते हुए मोहल्ले के लोग कार्पोरेशन से मुसलसल पाइपलाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं। पर, कार्पोरेशन इस मुद्दे पर संजीदा नहीं है। कुछ मोहल्ले में कार्पोरेशन की तरफ से दो साल पहले पाइपलाइन बिछाया तो गया था, पर अब तक उससे पानी नहीं आया है।

तीन-चार दिन ही आता है पानी

हरमू हाउसिंग कॉलोनी में पिने के पानी महकमा की तरफ से हफ्ता में तीन-चार दिन ही वाटर सप्लाई की जाती है। एक लाख गैलन की कैपेसिटी वाले हरमू वाटर टावर (पानी टंकी) में सिर्फ तीस हजार गैलन की ही पानी की सप्लाई होती है। अपर डिविजन हटिया के इंजीनियर रियाज आलम ने बताया कि बाकायदगी वाटर सप्लाई हरमू हाउसिंग कॉलोनी में नहीं की जाती है। बूटी जलागार से पानी मिलने पर ही हरमू टंकी के लिए वाटर सप्लाई होती है।

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