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पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह को उनके वतन भेजने की गुजारिश

नई दिल्ली, 8 मई: जम्मू की कोट भलावल जेल में शदीद तौर पर ज़ख़्मी हुए पाकिस्तानी सनाउल्लाह को उनके वतन भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की गई है।

नई दिल्ली, 8 मई: जम्मू की कोट भलावल जेल में शदीद तौर पर ज़ख़्मी हुए पाकिस्तानी सनाउल्लाह को उनके वतन भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की गई है।

चंडीगढ़ के पीजीआई दवाखाना में शरीक सनाउल्लाह को पाकिस्तान के सियालकोट में भेजने की गुजारिश की गयी है। दरखास्त में कहा गया है कि सनाउल्लाह के खिलाफ नौ केस दर्ज हैं। इन तमाम केस में अपनी सजा वह पूरी कर चुका है। वह पिछले 18 साल से जेल में है।

सजा पूरी कर चुके गैर मुल्की शहरियों को लेकर दरखास्त दायर के जवाब में मरकज़ी हुकूमत ने अगस्त 2012 में हलफनामा दायर किया था। उसमें दूसरे गैर मुल्की शहरी कैदियों के साथ पाकिस्तानी शहरियों का भी जिक्र किया गया था।

सनाउल्लाह पर टाडा के अलावा दूसरे कई जुर्म के सिलसिले में मुकदमा चला। पैंथर्स पार्टी के सदर भीम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सनाउल्लाह 18 साल से जेल में है। उसे 1995 में गिरफ्तार किया गया था।

जेल में एक डिसीप्लीन कैदी के तौर पर रहने वाला सनाउल्लाह पेशे से म्यूजिकल बैंड मास्टर है। उसने जेल में भी बैंड मास्टर का काम किया।

दरखास्त में कहा गया है कि जेल में 15 साल गुजार चुके गैर मुल्की शहरियों को रिहा कर दिया जाना चाहिए। सनाउल्लाह की तरह 12 दूसरे कैदियों की तफ्सीलात अदालत में पेश की गयी है। इन सभी को जेल से रिहा करने का दरखास्त किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश की गयी है कि गैर मुल्की शहरीयों के ज़ेर ए गौर मुकदमों को छह माह के अंदर निपटाने का निचली अदालत को हुक्म दिया जाए।

ज़हनी तौर पर बीमार कैदियों को भी छोड़ने का हुक्म दिया गया है। अमृतसर जेल में बंद पांच गूंगे बहरे कैदियों को उनके वतन वापस भेजने के लिए अदालत को हुक्म जारी करने की गुजारिश की गयी है।

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