पाकिस्तानी लेफ़्टीनेंट जेनरल हारून असलम मुस्ताफ़ी

पाकिस्तानी लेफ़्टीनेंट जेनरल हारून असलम मुस्ताफ़ी
पाक फ़ौज के सीनियर अफ़्सर लेफ़्टीनेंट जेनरल हारून असलम अपने ओहदे से मुस्ताफ़ी हो गए। ज़राए के मुताबिक़ लेफ़्टीनेंट जेनरल ने स्तीफ़ा नजरअंदाज़ करने पर दिया, दस रोज़ क़ब्ल उन से चीफ़ ऑफ़ लाजिस्टक स्टाफ़ का चार्ज भी ले लिया गया था।

पाक फ़ौज के सीनियर अफ़्सर लेफ़्टीनेंट जेनरल हारून असलम अपने ओहदे से मुस्ताफ़ी हो गए। ज़राए के मुताबिक़ लेफ़्टीनेंट जेनरल ने स्तीफ़ा नजरअंदाज़ करने पर दिया, दस रोज़ क़ब्ल उन से चीफ़ ऑफ़ लाजिस्टक स्टाफ़ का चार्ज भी ले लिया गया था।

ज़राए के मुताबिक़ लेफ़्टीनेंट जेनरल किसी प्रिंसिपल स्टाफ़ ओहदे पर तैनात नहीं थे, उन की अलविदाई तक़रीब दो रोज़ पहले हुई थी। ज़राए का कहना है कि फ़ौज में रिवायत है।

कि जब किसी सीनियर को नज़र अंदाज कर के जूनीयर को तरक़्क़ी दी जाती है तो सीनियर के सामने दो मुतबादिल होते हैं कि या तो वो जूनीयर की ज़ेरे कमांड मुलाज़मत जारी रखे या फिर रिटायरमेंट पर चला जाए। लेफ़्टीनेंट जेनरल हारून असलम का ताल्लुक़ लाहौर से है।

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