Tuesday , December 19 2017

पाकिस्तानी शहरी पर मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा क़ियाम का जुर्म साबित

दिल्ली की एक अदालत ने पाकिस्तानी शहरी को मुजरिम क़रार दिए जाने के फ़ैसले की तौसीक़ करदी जो हिंदूस्तान में 1973 से मुक़ीम था और हिंदूस्तानी शहरीयत हासिल करने की कोशिश कररहा था ।

दिल्ली की एक अदालत ने पाकिस्तानी शहरी को मुजरिम क़रार दिए जाने के फ़ैसले की तौसीक़ करदी जो हिंदूस्तान में 1973 से मुक़ीम था और हिंदूस्तानी शहरीयत हासिल करने की कोशिश कररहा था ।

1993 से 2002 तक वो बगै़र किसी कारआमद वीज़े के हिंदूस्तान में मुक़ीम था ।रफ़ीक़ अहमद को ग़ैर मुल्कीयों के क़ानून की दफ़आत की ख़िलाफ़वरज़ी का मुजरिम क़रार दिया गया था लेकिन इस ने इस के ख़िलाफ़ अपील की थी लेकिन एडीशनल सैशन जज ने तहत की अदालत के फ़ैसले की तौसीक़ करदी ताहम उसकी सज़ाए क़ैद की मुद्दत में इज़ाफ़ा करने से गुरेज़ किया।

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