Wednesday , December 13 2017

पाकिस्तानी ख़्वातीन को ऑनलाइन धमकीयों का तशवीशनाक रुजहान

इंटरनेट सारिफ़ीन के हुक़ूक़ के लिए काम करने वालों कहना है कि पाकिस्तान में ख़्वातीन को ऑनलाइन हिरासाँ करने का सिलसिला उन के ख़िलाफ़ हक़ीक़ी ज़िंदगी में रवा रखे जाने वाले तशद्दुद को हवा दे रहा है।

इंटरनेट सारिफ़ीन के हुक़ूक़ के लिए काम करने वालों कहना है कि पाकिस्तान में ख़्वातीन को ऑनलाइन हिरासाँ करने का सिलसिला उन के ख़िलाफ़ हक़ीक़ी ज़िंदगी में रवा रखे जाने वाले तशद्दुद को हवा दे रहा है।

इंटरनेट राईट्स ग्रुप बाइट्स फ़ॉर ऑल ने कहा है कि फेसबुक और ट्वीटर जैसी सोशल मीडिया की बड़ी कंपनीयां ख़्वातीन के ख़िलाफ़ इंटरनेट पर धमकी आमेज़ रवैयों को रोकने के लिए इक़दामात करने में सुस्त रवी से काम ले रही हैं।

न्यूज़ एजेंसी रोइटर्ज़ के मुताबिक़ वैसे तो ख़्वातीन को दुनिया भर में ही इंटरनेट की दुनिया पर धमकी आमेज़ रवैयों का सामना है लेकिन पाकिस्तान जैसे क़दामत पसंद मुस्लमान मुआशरे में उन्हें इन्फ़िरादी ख़तरे का भी सामना है।

ये एक ऐसा मुआशरा है, जहां मर्दों की जानिब से ख़्वातीन को ग़ैरत के नाम पर क़त्ल करने की मिसालें भी पाई जाती हैं जबकि तौहीने मज़हब के इल्ज़ामात भी तलवार की तरह लटकते रहते हैं।

बादअज़ां फेसबुक ने इस मुहिम के लिए बनाया गया सफ़ा बंद कर दिया। बाइट्स फ़ॉर ऑल के मुताबिक़ पाकिस्तान की 180 मिलियन की आबादी में से तक़रीबन बत्तीस मिलियन अफ़राद इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। ज़्यादा तर सारिफ़ीन अपने मोबाइल फ़ोन पर इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं।

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