पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सीमेंट कंपनियों को कटासराज मंदिर के तालाब में पानी भरने का दिया निर्देश

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सीमेंट कंपनियों को कटासराज मंदिर के तालाब में पानी भरने का दिया निर्देश
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इस्लामाबाद। सीमेंट फैक्ट्रियों की मनमानी के चलते पाकिस्तान के ऐतिहासिक कटासराज हिंदू मंदिर की हालत खस्ता हुई. मामले को संज्ञान में लेते हुए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सीमेंट फैक्ट्रियों की क्लास लगाई.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस मियां साकिब निसार की अगुवाई में तीन जजों की बेंच ने सीमेंट फैक्ट्रियो को सख्त फटकार लगाई. बेंच ने फैक्ट्रियों से एक हफ्ते के भीतर कटासराज मंदिर के तालाब में साफ पानी भरने का आदेश दिया.

चीफ जस्टिस ने मीडिया रिपोर्टों के बाद मामले को संज्ञान में लिया था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कई सीमेंट फैक्ट्रियों ने पर्यावरण से बहुत ज्यादा छेड़छाड़ की है. सीमेंट फैक्ट्रियों ने मंदिर के पास अंधाधुंध ड्रिलिंग की और पानी खींचना शुरू कर दिया.

इसके चलते सदियों पुराने मंदिर का सदा पानी से भरा रहने वाला तालाब भी सूखने लगा. आस पास के पूरे इलाके में पानी की किल्लत होने लगी.

बेंच ने एक सीमेंट कंपनी को तुरंत अपनी टरबाइन बंद करने का भी आदेश दिया. बेंच ने पंजाब सरकार को भी इस इलाके में सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए नई नीति बनाने का निर्देश दिया.

चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार की खिंचाई करते हुए कहा, “हम लोगों की सेहत दांव पर लगाकर सीमेंट फैक्ट्रियों को ऑपरेट करने नहीं देंगे.”

सीमेंट फैक्ट्री के एक प्रतिनिधि ने अदालत को बताया कि उनकी फैक्ट्री हर दिन 80,000 गैलन पानी खर्च करती है.

तमाम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जो भी फैक्ट्रियां लोगों की सेहत से खिलवाड़ करती पाई जाएंगी उन्हें बंद करने का आदेश दिया जाएगा.

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