Saturday , December 16 2017

पाकिस्तान के न्यूक्लियर सलाहियत के हामिल

ईस्लामाबाद बैन उल बर्र-ए-आज़मी मिज़ाईल की कामयाब आज़माईशी परवाज़

ईस्लामाबाद

बैन उल बर्र-ए-आज़मी मिज़ाईल की कामयाब आज़माईशी परवाज़

पाकिस्तान ने आज कामयाबी से ज़मीन से ज़मीन पर वार करने वाले न्यूक्लियर सलाहीयत के हामिल बैन उलबर्र-ए-आज़मी मिज़ाईल की परवाज़ की । ये मिज़ाईल न्यूक्लियर और रिवायती वार्ड हैडस 7750किलोमीटर के फ़ासले तक मुंतक़िल कर सकता है। इस तरह बेशतर हिन्दुस्तानी शहर इस के दायरे अमल में शामिल हैं।

शाहीन दोम की आज़माईशी परवाज़ का मक़सद मुख़्तलिफ़ साख़त और टेक्नीकी पैमानों की जांच करना था जो इस मिज़ाईल के असलाह के निज़ाम में मौजूद हैं और उन के अज़म तरीन दायरे कार की आज़माईश भी इस परवाज़ का मक़सद थी। इस कामयाब आज़माईश में जो बहर-ए-हिंद में की गई थी सीनियर दिफ़ाई मंसूबा बंदी शोबा मुसल्लह अफ़्वाज साईंसदाँ और दिफ़ाई इदारों के इंजनीयरस मौजूद थे ।

डायरेक्टर जनरल दिफ़ाई मंसूबा बंदी लेफ्टेनेंट‌ जनरल ज़ीबर महमूद हयात ने इस तजुर्बा को पाकिस्तान की दिफ़ाई सलाहीयत के इस्तिहकाम की सिम्त एक बड़ा क़दम क़रार दिया और आज़माईश करने वाले साईंसदानों की टीम को मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि ये तारीख़ी एहमीयत का एक और संग-ए-मील है।

उन्होंने टेक्नीकी महारत ख़ुलूस-ओ-वाबस्तगी की सताइश की जिस की वजह से ये आज़माईशी परवाज़ कामयाब होसकी। उन्होंने भरपूर एतिमाद ज़ाहिर किया कि दिफ़ाई कमान और कंट्रोल सिस्टम पाकिस्तान की सयानत का ज़िम्मेदार है।

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