Wednesday , December 13 2017

पाकिस्तान को बदलने के लिए सियासत में आना चाहती हूं: मलाला

अमन के नोबेल अवार्ड के लिए नामज़द मलाला यूसुफजई ने कहा है कि वह मुस्तकबिल में सियासी लीडर बनना चाहती हैं, ताकि अपने मुल्क में सभी के लिए तालीम को लाज़मी कर सकें | लड़कियों की तालीम की पैरोकारी करने की वजह से ही तालिबान ने पिछले साल अक्त

अमन के नोबेल अवार्ड के लिए नामज़द मलाला यूसुफजई ने कहा है कि वह मुस्तकबिल में सियासी लीडर बनना चाहती हैं, ताकि अपने मुल्क में सभी के लिए तालीम को लाज़मी कर सकें | लड़कियों की तालीम की पैरोकारी करने की वजह से ही तालिबान ने पिछले साल अक्तूबर में उन्हें अपनी गोली का निशाना बनाया था |

मलाला ने कहा, मैं मुस्तकबिल में सियासी लीडर बनना चाहती हूं मैं अपने मुल्क का मुस्तकबिल बदलना चाहती हूं मैं तालीम को लाज़मी बनाना चाहती हूं और मुझे उम्मीद है कि एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब मेरे मुल्क के लोग आजाद होंगे उनके पास उनके हुकूक होंगे |

सभी लड़के और लड़कियां स्कूल जाएंगे हमारे मआशरा (समाज) की सबसे बड़ी कमी यह है कि हम सुधार के लिए किसी दूसरे की पहल का इंतेजार करते हैं |

अपने घर वालों के साथ बर्मिघम में रह रही मलाला ने कुबूल किया कि ब्रिटेन का कल्चर उनके लिए किसी हैरत से कम नहीं था उन्होंने कहा, हमारे लिए खास तौर पर मेरी वालिदा के लिए यहां सब कुछ नया था हमने कभी नहीं सोचा था कि ख्वातीन इतनी आजाद हो सकती हैं वे कहीं भीजा सकती हैं और वह भी किसी मर्द को साथ लिए बिना |

मलाला ने कहा, मैं मगरिबी कल्चर को नहीं अपना रही मैं अभी भी अपनी पश्तून कल्चर पर अमल करती हूं मलाला ने कहा कि पाकिस्तान में अमन व इस्तेहकाम के लिए तालिबान से बात चीत करना जरूरी है |

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