Monday , December 18 2017

पाकिस्तान को 70 करोड़ अमरीकी डालर इमदाद मुंजमिद करने की तजवीज़

वाशिंगटन १४ दिसम्बर: (पी टी आई) पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अमेरिकी मौक़िफ़ में सख़्ती की अक्कासी करते हुए अमरीकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 70 करोड़ अमेरिकी डालर की इमदाद मुंजमिद करने की तजवीज़ पर ज़ोर दिया।

वाशिंगटन १४ दिसम्बर: (पी टी आई) पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अमेरिकी मौक़िफ़ में सख़्ती की अक्कासी करते हुए अमरीकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 70 करोड़ अमेरिकी डालर की इमदाद मुंजमिद करने की तजवीज़ पर ज़ोर दिया।

जब तक कि पाकिस्तान अफ़्ग़ानिस्तान में मोहलिक तरक़्क़ी याफ़ता धमाका आलात के ख़िलाफ़ जद्द-ओ-जहद की हिक्मत-ए-अमली पेश ना करें। ऐवान नुमाइंदगान और सेंट की सौदा बाज़ी कमेटी ने कल मुत्तफ़िक़ा तौर पर कहा कि पाकिस्तान को 70 करोड़ डालर की अमरीकी इमदाद मुंजमिद कर दी जाये क्योंकि वो तेज़ रफ़्तार 662 अरब अमरीकी डालर दिफ़ाई इख़्तयारात क़ानून बराए 2012 के सिलसिला में एक समझौता पर पहुंच चुके हैं।

इमकान है कि इस इक़दाम से दोनों ममालिक के ताल्लुक़ात में जारी बोहरान मज़ीद गहिरा होजाएगा जो नाटो के पाकिस्तानी फ़ौजी चौकीयों पर फ़िज़ाई हमला में 24 पाकिस्तानी फ़ौजीयों की हलाकत के बाद इंतिहाई शदीद हो चुका है।

पाकिस्तान को इमदाद पर तहदीदात के इलावा फ़ौजी अख़राजात क़ानून ईरान की सैंटर्ल बैंक को निशाना बनाता है और अलक़ायदा ज‍ंगजुओं के लिए ग्वांतानामोबे क़ैदख़ाना बंद कर देने के इक़दाम में नई रुकावटें भी पैदा करता है। ये क़ानूनसाज़ी जारीया हफ़्ता अमरीकी कांग्रेस के दोनों ऐवानों में राय दही के लिए पेश की जाएगी जबकि सदर अमरीका बारक ओबामा ने इंतिबाह दिया है कि वो ऐसे किसी भी क़ानून को मुस्तर्द करदेंगे जिस के लिए मुश्तबा इंतिहा-ए-पसंदों को फ़ौजी तहवील में देने की ज़रूरत हो।

अमरीका को निशाना बनाने के मुश्तबा अफ़राद को इस क़ानून के तहत फ़ौजी तहवील में देने की गुंजाइश रखी गई है। पाकिस्तान अमरीकी ग़ैरमुल्की इमदाद हासिल करने वाला सब से बड़ा मुलक है और अमरीकी कांग्रेस की जानिब से अगर इस इमदाद को मुंजमिद करने का इख़तियार दे दिया जाय तो इस के नतीजा में अरबों डालर सियोल और फ़ौजी इमदाद का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा मुतास्सिर होगा और फ़ौजी इमदाद का भी कुछ हिस्सा मुतास्सिर होगा जो पाकिस्तान हर साल हासिल करता है, लेकिन इस इंजिमाद के नतीजा में अज़ीम तर तहदीदात आइद की जा सकती हैं।

अगर अमरीका में पाकिस्तान पर अस्करीयत पसंद ग्रुपस के ख़िलाफ़ अपनी सरज़मीन पर कार्रवाई करने में नाकामी की बिना पर जुर्माना आइद करने का फ़ैसला किया जाये। ये अस्करीयत पसंद अफ़्ग़ानिस्तान में अमरीकी फ़ौजीयों को हलाक कर रहे हैं।

मुक़ामी सतह पर इंतिहाई मउसर हथियार आई एफ डी तैयार किए जाते हैं और उन्हें दहश्तगर्द अफ़्ग़ानिस्तान में अमरीकी और नाटो अफ़्वाज के ख़िलाफ़ इस्तिमाल करते हैं। पाकिस्तान को अमरीकी इमदाद के इंजिमाद में एक अरब 10 करोड़ डालर अमरीकी इमदाद का बेशतर हिस्सा शामिल है।

जो पाकिस्तान को इंसिदाद शोरिश पसंदी फ़ंड के तहत दी जाती है। ऐवान नुमाइंदगान और सेंट के अरकान के सालाना दिफ़ाई बल के सिलसिला में इत्तिफ़ाक़ राय पैदा हो जाने के बाद ऐसा हो सकता है। ये बिल एक पालिसी का तायुन करता है और अमरीकी महिकमा दिफ़ा पेंटागान के अख़राजात की तर्जीहात का तायुन भी करता है, जिसे आम तौर पर लाज़िमी तौर पर मंज़ूर किए जाने वाले क़ानून समझा जाता है।

दिफ़ाई इख़्तयारात बिल 2012-ए-फंड्स की रक़म को भी महिदूद करता है जो पाकिस्तान के इंसिदाद शोरिश पसंदी फंड्स के लिए दस्तयाब हैं। ये तहदीद उस वक़्त तक जारी रहेगी जब तक कि अमरीकी वज़ीर-ए-दिफ़ा अमरीकी कांग्रेस को वो हिक्मत-ए-अमली फ़राहम ना करदें जो पी सी एफ़ के इस्तिमाल के लिए पाकिस्तान की कोशिशों में आई एफ़ पी के ख़तरा का मुक़ाबला करने में इज़ाफ़ा करती हो।

अमरीकी सेंट की मुसल्लह ख़िदमात कमेटी ने एक अलहदा ब्यान में कहा कि अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान इस बात का तीक़न दे कि वो उन के मुल्क में आई एफ़ पी के मुक़ाबला कररहा है, जो इत्तिहादी अफ़्वाज को निशाना बना रहे हैं।

सदर नशीन ऐवान नुमाइंदगान मुसल्लह ख़िदमात कमेटी बिक मेक क्युन् ने कहा कि अमरीका के पाकिस्तान के साथ ताल्लुक़ात मुतज़लज़ल होगए हैं हालाँकि उन्हें हमारी और हमें उन की ज़रूरत है। नए फ़ौजी अख़राजात 662 अरब अमरीकी डालर फ़ौजी अमला, हथियारों के निज़ामों, तवानाई के शोबा में क़ौमी सलामती और इराक़ और अफ़्ग़ानिस्तान में जंगों के लिए ख़र्च करने का इख़तियार देते हैं। इस से अक्कासी होती है कि बरसों क़दीम तनाज़आत का इख़तताम क़रीब आ गया है।

ये क़ानून ओबामा की 43 अरब अमरीकी डालर की तलब से 27 अरब अमरीकी डालर कम है जो अमरीकी कांग्रेस ने एक साल क़बल अमरीकी महिकमा दिफ़ा पेंटागान को फ़राहम किए थे। अमरीकी सेंट की मुसल्लह ख़िदमात कमेटी के सरबराह कार्ल लीरल ने ईरान के बारे में इक़दामात पर तबसरा करते हुए कहा कि वो ज़्यादा से ज़्यादा क़ीमत अदा करेंगी। अगर वो न्यूक्लीयर हथियारों की तैयारी जारी रखें।

TOPPOPULARRECENT