Monday , December 18 2017

पाकिस्तान नाटो रूट्स दुबारा खोलने तैय्यार

सदर-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तानी राष्ट्रपती) आसिफ़ अली ज़रदारी नाटो की आने वाली शिकागो चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत करेंगे जब कि ईस्लामाबाद अफ़्ग़ानिस्तान के लिए इस मिल्ट्री इत्तिहाद की सपलाई रूट्स की 6 माह से जारी नाका बंदी को दुबार

सदर-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तानी राष्ट्रपती) आसिफ़ अली ज़रदारी नाटो की आने वाली शिकागो चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत करेंगे जब कि ईस्लामाबाद अफ़्ग़ानिस्तान के लिए इस मिल्ट्री इत्तिहाद की सपलाई रूट्स की 6 माह से जारी नाका बंदी को दुबारा खोल देने के लिए आमादा नज़र आता है। नाटो ने आइन्दा हफ़्ता की अपनी समिट के लिए ज़रदारी को ग़ैरमशरूत (बिना शर्त) दावत दी है

और अमेरीका के साथ मुज़ाकरात के इख़तेताम पर अफ़्ग़ानिस्तान में बैरूनी अफ़्वाज (सेना) के लिए रसदात (साज-ओ-सामान) की सरबराही की राहें दुबारा खोल दी जाएंगी, वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने आज ये बात कही। उन्हों ने कहा कि सिक्योरिटी मसाइल पर पाकिस्तान की आला तरीन इदारे काबीनी दिफ़ाई कमेटी (कैबीनेट रक्षा समीति) और वफ़ाक़ी काबीना दोनों ने शिकागो में नाटो समिट में सदर-ए-ममलकत की शिरकत की तौसीक़ (पुष्टी) कर दी है

जबकि ये दावत नाटो सैक्रेटरी जनरल एंडर्स फोग रासमोसन की जानिब से पेश की गई थी। गिलानी ने सरकारी तक़रीब के मौक़ा पर अख़बारी नुमाइंदों को बताया कि अफ़्ग़ानिस्तान में नाटो अफ़्वाज (सेना) के लिए सपलाई रूट्स को दुबारा खोलने के बारे में क़तई फ़ैसले का इन्हिसार (निर्भरता)(निर्भरता) अमेरीका और पाकिस्तान की मुख़्तलिफ़ वज़ारतों (मंत्रालयों) और तंज़ीमों के दरमयान बातचीत के नतीजा पर रहेगा।

उन्हों ने बताया कि हम मुताल्लिक़ा मह्कमाजात को हिदायत दे चुके हैं कि अपने मुज़ाकरात का इख़तताम करें। ये बात चीत फ़िलहाल जारी है। पाकिस्तान ने नवंबर में सरहद पार से नाटो फ़िज़ाई हमला के नतीजा में अपने 24 सिपाहीयों की हलाकत के बाद ये सपलाई रूट्स बंद कर दिए थे। ईस्लामाबाद और वाशिंगटन अपने रवाबित (सम्बन्ध) को ख़ुशगवार सतह पर क़ायम नहीं रख पाए क्योंकि पाकिस्तान फ़िज़ाई हमला के लिए अमेरीका से ग़ैर मशरूत माज़रत ख़्वाही के लिए इसरार करता रहा।

अगरचे पाकिस्तानी क़ाइदीन बिशमुल वज़ीर-ए-ख़ारजा (विदेश मंत्री)हिना रब्बानी ने नाटो समिट में शिरकत और अमेरीका से माज़रत ख़्वाही के मुतालिबा को अलहदा मसाइल के तौर पर पेश करने की कोशिश की है, लेकिन तजज़िया निगारों ने निशानदेही की कि ईस्लामाबाद ने माज़रत ख़्वाही और अमेरीकी ड्रोन हमलों को खत्म करने के मुतालिबा दोनों मुआमलों में अपना मौक़िफ़ नरम कर लिया है।

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