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पाकिस्तान से एन एस जी आफीसर को फ़ोन पर सेक्युरिटी अलर्ट

नई दिल्ली, 06 मार्च :(पी टी आई) पाकिस्तान से इलियट नैशनल सेक्युरिटी गार्ड्स (एन एस जी) के एक आफीसर को किए गए टेलीफ़ोन काल जिस में हैदराबाद के धमाकों के ताल्लुक़ से मालूमात तलब की गई इसके नतीजा में सेक्युरिटी एजेंसीयों ने इंटरनेट टेलीफ़ो

नई दिल्ली, 06 मार्च :(पी टी आई) पाकिस्तान से इलियट नैशनल सेक्युरिटी गार्ड्स (एन एस जी) के एक आफीसर को किए गए टेलीफ़ोन काल जिस में हैदराबाद के धमाकों के ताल्लुक़ से मालूमात तलब की गई इसके नतीजा में सेक्युरिटी एजेंसीयों ने इंटरनेट टेलीफ़ोन को रोक देने के लिए फिर से मुहिम शुरू कर दी है ।

मेजर रैंक के एन एस जी ऑफीसर जो आर्मी से डेपोटेशन पर हैं उन्हे की गई फ़ोन काल को तशवीशनाक तो क़रार नहीं दिया गया लेकिन इस वाक़िया ने सेंटर्ल सेक्युरिटी एजेंसीयों की जानिब से वक़फ़ा वक़फ़ा से जारी किए जाने वाले रहनुमा या नाख़ुतूत की तामील के ताल्लुक़ से सवालात उठा दिए हैं।

एन एस जी ने इंक़्वायरी क़ायम कर दी है ताकि इस वाक़िया में कोताही के सबब का पता चलाया जा सके जिस में मुश्तबा आई एस आई एजेंट ने यहां एन एस जी दफ़्तर के EPBX को काल किया और मेजर से बात कराने की ख़ाहिश की । जिन्होंने बताया जाता है कि जुड़वां धमाकों के मुक़ाम को ब्लैक कैट्स की मुंतक़ली के ताल्लुक़ से बात की और इस दौरान यही क़ियास किया कि दूसरी जानिब जैसा कि उन्हें बताया गया कोई सीनीयर ऑफीसर मौजूद है ।

ताहम एन एस जी ऑफीसर ने धमाको मादों को उड़ाने के मेकानिज़्म के ताल्लुक़ से कोई अहम सुबूत का तबादला नहीं किया जिसका हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाक़ा में गुज़श्ता माह के धमाकों में इस्तेमाल हुआ । जिन के नतीजा में 16 अम्वात हुईं । एन एस जी सरबराह अरविंद रंजन ने इंक्वायरी का हुक्म दिया है लेकिन कहा कि इस गुफ़्तगु में कुछ भी तशवीश का मुआमला नहीं है क्योंकि पाकिस्तान से नामालूम फ़ोन कालर के लिए कुछ भी अहम मालूमात का अफ़शा नहीं किया गया ।

आज ज़राए ने बताया कि वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकोल (VOIP) आई एस आई एजेंट और पाकिस्तान नीज़ पाकिस्तान मक़बूज़ा कश्मीर से सरगर्म दहशतगर्दों के लिए सहूलत बख़्श बनता जा रहा है । ग़ैर मुस्लिमा VOIP या इंटरनैट टेलीफ़ोनी का बढ़ावा सेक्युरिटी का मसला बन रहा है ।

क्योंकि काल करने वाले का मुक़ाम और काल के वक़्त का फ़ौरी तौर पर पता नहीं चलता है । सेंटर्ल सेक्युरिटी एजेंसीयां महकमा मुवासलात पर ज़ोर देती आई हैं कि सर्विस फ़राहम कुनुन्दगान से इसका कोई हल मांगें जिसके लिए कई दौर के इजलास डी ओ टी नैशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाईज़ेशन और सर्विस प्रोवाईडर्स के दरमियान मुनाक़िद हो चुके हैं ।

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