Tuesday , December 19 2017

पाकिस्‍तान में हिंदुस्तानी फिल्‍में दिखाने पर बैन

पाकिस्तान की एक अदालत ने मुल्क भर में हिंदुस्तानी फिल्में दिखाए जाने पर पाबंदी लगा दी और उनकी रिलीज के लिए कुछ शर्ते भी मुकर्रर कीं | लाहौर हाई कोर्ट के जज खालिद महमूद ने मुतनाजा टीवी टाक शो के प्रेजेंटर मुबशीर लुकमान की तरफ से दा

पाकिस्तान की एक अदालत ने मुल्क भर में हिंदुस्तानी फिल्में दिखाए जाने पर पाबंदी लगा दी और उनकी रिलीज के लिए कुछ शर्ते भी मुकर्रर कीं | लाहौर हाई कोर्ट के जज खालिद महमूद ने मुतनाजा टीवी टाक शो के प्रेजेंटर मुबशीर लुकमान की तरफ से दाखिल की गयी दरखास्त पर मंगल के रोज़ आखिरी हुक्म जारी किया |

लुकमान साबिक फिल्म डायरेक्टर हैं और हिंदुस्तान मुखालिफ रुख के लिए जाने जाते हैं | लुकमान ने दावा किया कि पाकिस्तानी नियमों के तहत पूरी तरह हिंदुस्तान में फिल्माई गई और किसी हिंदुस्तानी की तरफ से स्पांसर फिल्म को मुल्क में नहीं दिखाया जा सकता |

उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि पाकिस्तान में हिंदुस्तानी फिल्में दिखाने के लिए स्पांसरो की पहचान बदलने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता है | उन्होंने अपने दावे की ताइद में एक अदालती हुक्मनामे भी पेश किया अदालत ने फिल्म सेंसर बोर्ड और बोर्ड आफ रेवेन्यू को भी दरखास्त पर अगली सुनवाई 25 नवंबर तक जवाब देने को कहा है |

इससे पहले, पाकिस्तान के 10 टीवी चैनलों पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है | पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने यह जुर्माना लगाया है | इन चैनलों की गलती ये है कि इन्होंने मुकरर्रा वक्त से ज्यादा हिंदुस्तान और दूसरे मुल्क से जुड़े मवाद नशर की |

पीर क्जे रोज़ एक मीडिया रिपोर्ट में यह मालूमात दी गई खबर में हवाला पाकिस्तान के Ministry of Information and Broadcasting के दस्तावेज का दिया गया है | इसमें कहा गया कि कई पाकिस्तानी चैनल मुकर्ररा वक्त से काफी ज्यादा वक्त तक हिंदुस्तानी और दिगर बैरूनी कंटेंट नशर कर रहे हैं |

रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी इस हालात से फिक्रमंद था | उसने खाती चैनलों पर जुर्माना लगाते हुए उन्हें आगाह किया है कि वे इस तरह की गलती दोबारा न करें | पाकिस्तान के निजी टेलीविजन चैनलों को 10 फीसदी बैरूनी कंटेंट नशर करने की इज़ाज़त है |

इस 10 फीसदी का 60 फीसदी हिस्सा हिंदुस्तानी या दिगर होने चाहिए | बाकी 40 फीसदी अंग्रेजी कंटेंट हो सकता है |

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