Monday , December 11 2017

पानी के जहाज़ पर उर्दू हिन्दी मुशायरा का एहतिमाम

अल-नूर इंटरनैशनल की जानिब से डैलस के क़रीब वाक़्य लोज़ोल झील पर पानी के जहाज़ में एक ख़ूबसूरत उर्दू हिन्दी मुशायरा का एहतिमाम कियागया जिस में यहां की पाकिस्तानी और इंडियन कम्यूनिटी के अफ़राद ने अपने अहल-ए-ख़ाना के हमराह भरपूर तरीक़ा से शिरकत की मुशायरा से क़बल आम अफ़राद की दिलचस्पी के लिए इशाईया के दौरान म्यूज़ीकल प्रोग्राम भी पेश कियागया जिस में मुक़ामी गुलूकारों ने अपने फ़न का मुज़ाहरा किया।

हाज़िरीन इस दौरान झील के पुरकशिश नज़ारों से भी लुतफ़ अंदोज़ होते रहे इस मौखे पर शाम मुशायरा सजाई गई। मुशायरे की सदारत डैलस के मारोज ताजिर एस के मित्तल ने की जबकि मेहमान ख़ुसूसी इंडिया एसोसीएशन औफ़ नॉर्थ टेक्सास के साबिक़ सदर और मारूफ़ कम्यूनिटी रहनुमा अकरम सईद थे।

मुशायरा में हैवसटन से आए मेहमान शारा-ए-ख़ालिद ख़्वाजा, अलीगढ़ इंडिया के शायर नौशा इसरार और शिकागो से इक़रा इंटरनैशनल के बानी-ओ-मारूफ़ अदबी शख़्सियत शायर डाँक्टर अबैदुल्लाह ग़ाज़ी समेत डैलस के मुक़ामी शारा‍ए‍ अलनूर इंटरनैशनल के बानी नूर अमरोहवी, उर्दू घर डैलस के बानी डाँक्टर आमिर सुलेमान, शायर मसऊद क़ाज़ी अमर सिंह ढिल्लो ने अपने क्लास सुनाकर हाज़िरीन से ढेरों दाद वसूल की इस मौखे पर सदारती तक़रीर में ताजिर एसके मित्तल और अकरम सईद ने ख़िताब करते हुए अल-नूर इंटरनैशनल की काविशों को सराहा और कहाकि इस तरह के मुशायरे दोनों ममालिक के लोगों में मुहब्बत और उन के जोड़ने का सबब बनते हैं

इस मौखे पर मुहतरमा जौती कुमार, आर जे, मिस सुलोचना, नूर अमरोहवी और दीगर ने भी अपने ख़्यालात का इज़हार किया हाज़िरीन का कहना था कि दो सक़ाफ़्तों को आपस में जोड़ने का ये अच्छा अमल था जबकि इस मुशायरे के ज़रीया दिलफ़रेब मुनाज़िर उन के लिए हमेशा यादगार रहेंगे जिस से हर उम्र के अफ़राद ने भरपूर लुतफ़ हासिल किया। मुशायरा तक़रीबन दो घंटे जारी रहा। इस तरह तक़रीबन 3 घंटों पर मुश्तमिल जहाज़ के सफ़र में हाज़िरीन मुसलसल महज़ूज़ होते रहे।

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