Monday , December 18 2017

पानी रे पानी ! थाने में शदीद क़िल्लत से एक ख़ातून फ़ौत

महाराष्ट्रा के ज़िला थाने के कबायली इलाक़ों में पीने के पानी की क़िल्लत से एक 37 साला ख़ातून फ़ौत हो गई। मतोफ़ीह पानी के हुसूल के लिए एक जगह से दूसरी जगह मारी मारी फिर्ती रही और बिलआख़िर इतनी थक गई कि अपनी जान से हाथ धो बैठी।

महाराष्ट्रा के ज़िला थाने के कबायली इलाक़ों में पीने के पानी की क़िल्लत से एक 37 साला ख़ातून फ़ौत हो गई। मतोफ़ीह पानी के हुसूल के लिए एक जगह से दूसरी जगह मारी मारी फिर्ती रही और बिलआख़िर इतनी थक गई कि अपनी जान से हाथ धो बैठी।

डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स को मिलने वाली रिपोर्टस के मुताबिक़-ओ-सिटी एम एल ए और श्रम जीवनी संघटन के सरबराह विवेक पण्डित ने पी टी आई से बात करते हुए कहा कि वाक़्या उस वक़्त रौनुमा हुआ जब पार्वती रामू जाधव जो एक कबायली ख़ातून है, टैंकर के ज़रीया पानी लेने पहुंची थी जो चार दिन में सिर्फ एक बार आता है।

जब तक पार्वती की बारी आती, उस वक़्त तक टैंकर ख़ाली हो गया। इसके बाद मायूस होकर वो गाँव के कुँवें पर गई जहां पहले से कई लोग पानी लेने के लिए क़तार में खड़े थे। विवेक पण्डित के मुताबिक़ इन क़बाईलों को तप्ती धूप में पानी के हुसूल के लिए रोज़ाना कई किलो मीटर पैदल चलना पड़ता है, जिनमें मतोफ़ीह पार्वती भी शामिल है।

ये इत्तेलात भी हैं कि कुँवें के पास पानी के हुसूल के लिए भगदड़ मच गई थी और जिसकी लाठी उसकी भैंस वाला मामला था। वापसी के दौरान पार्वती चकरा कर गिर पड़ी और बादअज़ां वो जांबर ना हो सकी। पण्डित ने कहा कि ज़िला इंतिज़ामीया को पानी की क़िल्लत दूर करने के लिए जंगी ख़ुतूत पर इक़्दामात करने की ज़रूरत है।

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