Wednesday , December 13 2017

पार्लियामेंट हमले के मुजरिम अफजल गुरू का डेथ वारंट होगा आवामी

मरकज़ी इंफार्मेशन कमीशन (सीआईसी) ने तिहाड़ जेल को हिदायत दिया है कि पार्लियामेंट पर हमले के मुजरिम अफजल गुरु के मौत के वॉरंट को आवामी किया जाए| साथ ही उसे फांसी पर चढ़ाने की तारीख के बारे में उसके खानदान को भेजी गई इत्तेला की कॉपी को

मरकज़ी इंफार्मेशन कमीशन (सीआईसी) ने तिहाड़ जेल को हिदायत दिया है कि पार्लियामेंट पर हमले के मुजरिम अफजल गुरु के मौत के वॉरंट को आवामी किया जाए| साथ ही उसे फांसी पर चढ़ाने की तारीख के बारे में उसके खानदान को भेजी गई इत्तेला की कॉपी को भी आवामी किया जाए|

पार्लियामेंट पर दिसंबर 2001 को हुए दहशतगर्दाना हमले में किरदार निभाने के लिए अफजल गुरु को सजा सुनाई गई थी और उसे 9 फरवरी 2013 को फांसी पर लटका दिया गया था| इंफार्मेशन कमिश्नर एम. श्रीधर आचार्युलू ने एक कड़े हुक्म में कहा कि किसी भी आरटीआई अर्जी (इस मामले में अफजल गुरु की फांसी का ब्योरा) को बिना गौर किए और इस बारे में वजह बताए बगैर दफा 8 के तहत सीधे-सीधे खारिज नहीं किया जा सकता|

कमीशन ने तिहाड़ के आफीसरों को हिदायत दिया कि आरटीआई दरखास्तगुजार पारस नाथ सिंह को गुरु को फांसी पर लटकाने के मौत के वॉरंट की अटेस्टेड कॉपी मुहैया कराई जाए| मामला सिंह की अर्जी से जुड़ा है जिसमें गुरु की फांसी को लेकर मौत के वॉरंट और विडियो रिकॉर्डिंग की मांग की गई है| तिहाड़ के आफीसरों ने यह कहते हुए कोई भी इत्तेला देने से इंकार कर दिया कि इससे कौमी सलामती (National Security) को खतरा पैदा होगा| श्रीधर ने कहा कि कमीशन ने पाया कि इस आरटीआई अर्जी को बिना गौर किए और हर नुक्ता की जांच-परख किए बगैर खारिज कर दिया गया. दफा 10 के तहत इत्तेला देने और उसकी संगीनी को देखते हुए नहीं देने के बीच फर्क नहीं किया गया

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