पासवान ने सपा-बसपा गठबंधन को मजबूत बताया, बीजेपी को दी ये सलाह

पासवान ने सपा-बसपा गठबंधन को मजबूत बताया, बीजेपी को दी ये सलाह

भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने शनिवार को सपा..बसपा गठबंधन को एक मजबूत चुनावी गठजोड़ बताया और कहा कि सत्ताधारी राजग को भी विपक्ष को चुनौती देने के लिए स्वयं को सुदृढ़ बनाना होगा. लोजपा नेता चिराग पासवान ने कभी धुर प्रतिद्वंद्वी रहे दलों के गठबंधन को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह गठजोड़ उनके बीच हुआ है जिन्होंने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक सम्पत्ति एकत्रित की. उनका परोक्ष इशारा बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की ओर था. पासवान ने कहा कि दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन किया जहां के लोगों को बेरोजगारी और अपराध के चलते दूसरे जगह जाने को मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि एक चुनावी रणनीति के तौर पर सपा..बसपा का गठबंधन मजबूत है. भाजपा नीत राजग को भी उसे चुनौती देने को स्वयं को सुदृढ़ बनाना होगा ताकि उत्तर प्रदेश के लोग सपा..बसपा गठबंधन को एक मुंहतोड़ जवाब दे सकें.

वहीं शिवसेना ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के चुनाव पूर्व गठबंधन ने कांग्रेस की परिकल्पना वाले ‘महागठबंधन’ पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा पर निशाना साधते हुए शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायंद ने कहा कि दोनों पार्टियों की विचारधारा अलग है और कोई भी जनोन्मुखी नहीं है. कायंद ने कहा, ‘यह गठबंधन जनोन्मुखी गठबंधन नहीं है. इसका एकमात्र मकसद दक्षिणपंथी पार्टियों का दूर रखना है. लोग जानते हैं कि दोनों पार्टियों ने पूर्व में कटुतापूर्वक एक-दूसरे का विरोध किया है और वे पूरी तरह से बिना निश्चित एजेंडे के चुनावी उद्देश्य के लिए एक साथ आई हैं.

उन्होंने कहा, ‘इस गठबंधन ने ‘महागठबंधन’ पर सवालिया निशान लगा दिए हैं और उसका भविष्य अनिश्चित बना दिया है. भविष्य ही बताएगा कि क्या राकांपा प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनावों से पहले अपने लिए कुछ कर पाएंगे. इस बीच, राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने दावा किया कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2019 का लोकसभा चुनाव ‘दूसरा स्वतंत्रता संघर्ष’ होगा. महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘इसके लिए सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आना चाहिए और जिम्मेदारी से काम करना चाहिए. सपा-बसपा-कांग्रेस और अन्य सभी एक जैसी विचारधारा वाले दलों को हमारे संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा.

सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विपक्षी मोर्चा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के बीच हुए गठबंधन का शनिवार को स्वागत किया. बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा के गठबंधन का मैं स्वागत करती हूं. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख भाजपा की मुखर आलोचक रही हैं. वह आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबले के लिए विपक्षी गठबंधन के निर्माण की कोशिश में पिछले एक साल से देश में भ्रमण कर रही हैं.

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