Monday , May 28 2018

पीओके से आए लोगों को 2000 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान के विस्थापित लोग के लिए दो हजार करोड़ रुपए के पैकेज की ऐलान करने वाली है। मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय जल्द ही पैकेज को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रख सकता है। जम्मू कश्मीर सरकार ने पैकेज वितरण के लिए 36,348 परिवारों की पहले ही पहचान कर ली है जिसके तहत प्रत्येक परिवार को लगभग साढ़े पांच लाख रुपए मिलेंगे। अधिकारी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि एक महीने के भीतर पैकेज को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल जाएगी और कोष लाभार्थियों में बांटा जा सकेगा।

पीओके के विस्थापित लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही जम्मू कश्मीर शरणार्थी कार्य समिति (जेकेएसएसी) का कहना है कि पैकेज को अंतिम बंदोबस्त नहीं समझा जाना चाहिए क्योंकि उन सभी के बंदोबस्त के लिए 9,200 करोड़ रुपए की आवश्यकता है । जम्मू कश्मीर में बसे पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों की समस्याओं पर विचार करने के बाद मोदी सरकार ने जनवरी 2015 में शरणार्थियों के लिए कुछ रियायतें मंजूर की थीं। रियायतों में इन लोगों को अर्धसैनिक बलों में भर्ती करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने, रियासत में समान रोजगार अवसर उपलब्ध कराने, शरणार्थियों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला देने जैसे कई कदम शामिल हैं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर की हालात पर चर्चा के लिए 12 अगस्त को आयोजित सर्वदलीय बैठक में पहली बार पीओके, गिलगित-बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान के लोगों की दशा के बारे में बात की थी। मोदी ने इसके तीन दिन बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले से अपने संबोधन में एक बार फिर पाकिस्तान के कब्जे वाले इन तीनों क्षेत्रों का जिक्र किया था । सरकार ने अपने नए कूटनीतिक कदम के तहत कहा है कि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान जम्मू कश्मीर का हिस्सा हैं । ऐसी खबरें हैं कि सरकार बेंगलूरू में आयोजित होने वाले अगले प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर पीओके, गिलगित-बाल्टिस्तान से ताल्लुक रखने वाले समुदायों को आमंत्रित करने की योजना बना रही है ।

TOPPOPULARRECENT