Friday , December 15 2017

पीडीपी को भाजपा का 3-3 साल सीएम का ऑफर

विधानसभा इंतेखाबात के नतीजों के बाद जम्मू-कश्मीर में किसी पार्टी को मुकम्मल अक्सरियत नहीं मिलने से सरकार बनाने का पेंच फंस गया है। यहां पीडीपी सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन और भाजपा दूसरे नंबर पर है। मौजूदा सियासी हालात में सर

विधानसभा इंतेखाबात के नतीजों के बाद जम्मू-कश्मीर में किसी पार्टी को मुकम्मल अक्सरियत नहीं मिलने से सरकार बनाने का पेंच फंस गया है। यहां पीडीपी सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन और भाजपा दूसरे नंबर पर है। मौजूदा सियासी हालात में सरकार बिना किसी पार्टी के इत्तेहाद के बनना मुमकिन नहीं है।

ज़राये के मुताबिक, भाजपा पीडीपी के साथ 3-3 साल सरकार चलाने के फार्मूले पर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के हक में है। पार्टी सदर अमित शाह पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि उनके सामने सभी आप्शन खुले हैं। ज़राये के मुताबिक, भाजपा ने पीडीपी को ऑफर दिया है कि दोनों पार्टियों के 3-3 साल सीएम रहने पर रियासत में दोनों पार्टियों की हुकूमत की तश्कील की जा सकती है।

मगर भाजपा यह भी चाहती है कि पहला सीएम भी उसका हो। उधर, पीडीपी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हं। पीडीपी का कहना है कि वह किसी जल्दबाजी में नहीं है और फिलहाल इंतजार करेगी। इस बीच पीडीपी की बुध के रोज़ इस मसले को लेकर बैठक होने वाली है।

हालांकि पीडीपी ने इशारे दिए हैं कि मरकज़ में भाजपा की हुकूमत हैं, इसलिए वह उसके साथ जा सकती है। पीडीपी के लीडर त्रिलोचन सिंह बाजवा ने कहा है कि पीडीपी रियासत की सबसे बडी पार्टी है और हम किसी साथी पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे। आज पीडीपी की बैठक इस मामले में अहम है और माना जा रहा है कि वह हुकूमत की तश्कील के मद्देजनर गठजोड पर फैसला ले सकती है। पीडीपी के लिए मुश्किल यह है कि वह मरकज़ में बेहतर रिश्तों के लिए भाजपा की ताईद ले या रियासत में भाजपा के बढते गलबे को रोकने के लिए कांग्रेस या नेशनल कांफ्रेंस का सहारा ले।

दोनों ही पार्टियों ने भाजपा को इक्तेदार में आने से रोकने के लिए पीडीपी को बिना शर्त देने की पेशकश की है।

पीडीपी के तरजुमान नईम अख्तर ने भी कहा, नज़रिया को लेकर हमारा भाजपा के साथ इख्तेलाफ है, लेकिन मुस्तहकम सरकार देने के लिए हम ताईद देने पर गौर कर सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे के साथ आ सकती हैं। जम्मू कश्मीर में फिर से हंग असेम्बली के बीच, भाजपा ने कहा कि नई सरकार की तश्कील के लिए उसने सभी “आप्शन” खुले रखे हैं और इम्कान है कि वह आगे की पालिसी पर फैसले से पहले पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस दोनों पार्टियों के लीडरों के साथ पर्दे के पीछे से बातचीत करे।

भाजपा सदर अमित शाह ने इंतेखाबी नतीजे मिलने के बाद कहा था कि भाजपा के पास सभी आप्शन खुले हैं। भाजपा की सरकार बनाने का आप्शन खुला है। किसी को ताईद देने का आप्शन भी खुला है। किसी और की सरकार में शामिल होने का आप्शन भी खुला है। सभी तीनों आप्शन खुले हैं।”

उन्होंने कहा, हम पीडीपी को ताईद देने के लिए तैयार हैं। अगर मुफ्ती मोहम्मद सईद फोन रिसीव करें या मुझे कॉल करें। अगर लालू और नीतीश कुमार साथ आ सकते हैं, तो हम क्यों नहीं! मैं मुफ्ती साहब के घर नहीं जा रहा हूं, मगर वह 15 एमएलए वाली नेशनल कांन्फ्रेंस को इग्नोर नहीं कर सकते। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में किसी पार्टी के पास अक्सरियत नहीं है। यहां मिलीजुली सरकार के ही इम्कान है जो भाजपा और नेशनल कान्फ्रेंस या भाजपा और पीडीपी या कांग्रेस और पीडीपी की हो सकती है। अब देखना यह है कि सरकार किन दो पार्टियों के इतेहाद से बनती है। जम्मू कश्मीर में पीडीपी को 28, भाजपा को 25, नेशनल कॉन्फ्रेंस को 15, कांग्रेस को 12 और दिगर को सात सीटें मिली हैं।

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