Wednesday , December 13 2017

पुरअमन एहतिजाज के ख़िलाफ़ हुकूमत के हथकंडे

पसमांदा तबक़ात एस सी एस टी बी सी और मुस्लिम फ्रंट के ज़ेर-ए-एहतिमाम मुनाक़िद है प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए जनरल सैक्रेटरी सूफ़ी एकेडेमी मौलाना सय्यद तारिक़ कादरी ने कहाकि मर्कज़ी और रियास्ती हुकूमतें मस्लए तेलंगाना को तूल दे

पसमांदा तबक़ात एस सी एस टी बी सी और मुस्लिम फ्रंट के ज़ेर-ए-एहतिमाम मुनाक़िद है प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए जनरल सैक्रेटरी सूफ़ी एकेडेमी मौलाना सय्यद तारिक़ कादरी ने कहाकि मर्कज़ी और रियास्ती हुकूमतें मस्लए तेलंगाना को तूल देकर तेलंगाना की अवाम में पाई जाने वाली बेचैनी में इज़ाफ़ा(बढोत्री) कररहे हैं उन्होंने कहाकि पुरअमन एहतिजाज(शांतीपुण धरना) तेलंगाना की अवाम का जमहूरी हक़ है मगर रियास्ती हुकूमत नित नए हतखनडे अपनाते हुए तेलंगाना की अवाम को इन जमहूरी हक़ से महरूम करने की कोशिश कररही है

उन्होंने मर्कज़ी और रियास्ती हुकूमतों से अपील करते हुए कहाकि वो तेलंगाना की अवाम के साथ अपने जारिहाना रवैय्या को फ़ौरी तबदील करे और क़ियाम तेलंगाना के सिलसिले मी मज़बत इक़दाम उठाते हुए तेलंगाना की अवाम के जज़बात का एहतिराम करे उन्होंने मज़ीद कहाकि अल‌हदा रियासत तेलंगाना का मुतालिबा पिछले साठ सालों से तात्तुल का शिकार है जबकि ये मुतालिबा पिछले साठ सालों में अवामी तहरीक में तबदील होगया है।

उन्हों ने मज़ीद कहाकि तेलंगाना का मुस्लमान भी रोज़ पहले से ही तेलंगाना तहरीक का अटूट हिस्सा है बावजूद इसके मुस्लमानों की शराकतदारी पर तेलंगाना मुख़ालिफ़ीन की जानिब से सवालिया निशान खड़ा करने की कोशिशें की जा रही हैं और अठारह फ़ीसद मुस्लमानों की नुमाइंदगी करनेवाली क़ियादत को ख़ित्ता और रियासत के मुस्लमानों का अलमबरदार ज़ाहिर करने की कोशिश की जा रही जो काबिल-ए-क़बूल अमल है।

उन्होंने तेलंगाना जवाइंट ऐक्शण कमेटी के मुजव्वज़ा चलो हैदराबाद मार्च को कामयाब बनाने की तमाम तेलंगाना हामी तंज़ीमों से अपील और हुकूमत और पुलिस से मुतालिबा किया कि वो मुजव्वज़ा मार्च को सुबू ताज करने की मज़मूम कोशिश ना करें।बी नायक ने कहाकि दुनिया का सब से बड़ा जमहूरी मुल़्क होने के बावजूद हिंदूस्तान में जमहूरीयत दूर दूर तक नज़र नहीं आरही है उन्हों ने कहाकि हुकूमत की जानिब से चलो हैदराबाद मार्च के इनीक़ाद में रुकावटें पैदा करने की कोशिश इस बात का सबूत है उन्होंने कहाकि तेलंगाना की अलहदगी के मस्लए पर हुकूमत रोज़ अव्वल से तेलंगाना की अवाम को धोके में रखकर आनधराई सरमाए दारों को तेलंगाना की अवाम के साथ बरसर-ए-आम लूट खसूट के मवाक़े फ़राहम कररही है उन्हों ने चलो हैदराबाद के कामयाब इनीक़ाद में रुकावट को एक‌ नवंबर से हैदराबाद में शुरू होने वाली बैन-उल-अक़वामी कान्फ़्रैंस के लिए मुज़िर असरात की वजहा बनागा।

मुनीर उद्दीन मुजाहिद ने कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए कहा कि फ़ज़ल अली कमीशन के सिफ़ारिशात और पण्डित जवाहर लाल नहरू का ब्यान वज़ाहत करता है मुत्तहदा रियासत तेलंगाना का क़ियाम एक मशरूत मुआहिदा था जो दोनों ख़तों की अवाम के दरमयान बुनियाद पर दोनों में ख़तों में अलहदगी की मुत्तहदा रियासत आंधरा प्रदेश के क़ियाम के वक़्त भरपूर ताईद की गई थी उन्हों ने कहाकि अलहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम के लिए नौजवानों की दी गई बेमिसाल क़ुर्बानीयों की नज़र दुनिया की किसी तहरीक में नहीं मिलेगी।

उन्हों ने अलैहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम के ऐलान को ही शहद एन‍ तेलंगाना के लिए हक़ीक़ी ख़राज क़रार दिया है।जी नागेश ने पसमांदा तबक़ात के फ्रंट की तरफ‌ से चलो हैदराबाद मार्च को कामयाब बनाने के लिए की जा रही का वषों की सताइश करते हुए कहाकि जमहूरीयत में अवामी जज़बात का एहतिराम हुकूमत की ज़िम्मेदारी होती है मगर तेलंगाना की अवाम के साथ हुकूमत के रवैय्या से साफ़ ज़ाहिर है कि तेलंगाना तहरीक को सुबू ताज करने के लिए हुकूमत जुम्हूरी उसूलों पर नहीं बल्कि डिक्टेटर शिप पर गामज़न है।

उन्हों ने हुकूमत से मुतालिबा किया कि वो अलहदा(अलग‌) रियासत तेलंगाना के मुताल्लिक़(बारे मे) अपने फ़ैसले का फ़ौरी ऐलान करे अगर फ़ैसला तेलंगाना रियासत के हक़ में होगा तो तेलंगाना की चार करोड़ अवाम कांग्रेस हुकूमत की मरहून मिन्नत रहेगी मगर फ़ैसला मुख़ालिफ़ तेलंगाना होता है तो माबाद पैदा होने वाले हालात की ख़ुद हुकूमत ज़िम्मेदार होगी।वहीद पाशाह कादरीशहबाज़ अली ख़ान अमजदसी एलयाद गेरी बी पी राजू मुहम्मद नवाब के अलावा दुसरे क़ाइदीन(मेम्बर‌) भी इस मौके पर मौजूद थे।

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