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पुराने शहर के सल्लम इलाक़ों में इंतिहाई गंदा पानी की सरबराही

हैदराबाद१‍६ मई ।(सियासत न्यूज़) भैंस के आगे बैन बजाने का मुहावरा शायद महिकमा आ बरसानी-ओ-सीवरज बोर्ड केलिए ही मारज़ वजूद में आया है।

हैदराबाद१‍६ मई ।(सियासत न्यूज़) भैंस के आगे बैन बजाने का मुहावरा शायद महिकमा आ बरसानी-ओ-सीवरज बोर्ड केलिए ही मारज़ वजूद में आया है।

पुराने शहर के अवाम बरसों से मुतालिबा कर रहे हैं कि उन्हें आलूदा पानी सरबराह किया जा रहा है ,उसे साफ़ करने के इक़दामात किए जाएं , , वाटर पाइप लाईन जगह जगह टूट फूट का शिकारा हो चुका है जिसमें डेनेज‌ लाईन का गंदा पानी शामिल हो रहा है,लोग आए दिन बीमार हो रहे हैं …मगर बरसों से किए जा रहे इस संगीन अवामी मुतालिबे का मज़कूरा महिकमा पर कोई असर नहीं पड़ रहा है और वही रफ़्तार बेढंगी जो थी पहले वो है अब भी के मिस्दाक़ ना कानों पर जूं रॆंग रही है और ना ही आँखों पर पड़ी पट्टी खल रही है।

महिकमा-ए-सेहत भी इस हवाले बेहिसी का शिकार है जो पुराने शहर को मुकम्मल नजरअंदाज़ किए हुए ही। ख़ुसूसन ग़नजान मुस्लिम आबादीयों में सरबराह किए जाने वाले आलूदा पानी के ख़िलाफ़ ना ये महिकमा कार्रवाई करना मुनासिब तसव्वुर करता है और ना ही इन पानीयों की लैब‌ टेस्टिग‌ को ज़रूरी तसव्वुर करता ही।अफ़सोस की बात ये है कि अक्सरीयती इलाक़े मसलन राजना नगर ,शमशीर गंज ,आलीया बाद का उक़बा हिस्सा ,कुंद युगल गेट ,लाल दरवाज़ा ,अपोगोड़ा वग़ैरा जैसे इलाक़ों में इस किस्म की शिकायत ना के बराबर है जबकि अक़ल्लीयती इलाक़े जहांनुमा,मुस्तफ़ा नगर,उवैसी हिलज़ ,अंसारी रोड, तीगल कुन्टा, हुस्न नगर,महमूद नगर,बाबा नगर,इंदिरा,नगर काले पत्थर,फूलबाग ,नवाब साहिब कनटा , वटे पली और अंसारी रोड जैसे इलाक़ों में कहीं इंतिहाई आलूदा पानी की शिकायत आम है तो कहीं इंतिहाई कम प्रैशर का सिलसिला जारी ही।ऐसी सूरत में अगर ये कहा जाय कि पानी की सरबराही में भी इमतियाज़ी रवैय्या इख़तियार किया जा रहा है तो ग़लत नहीं होगा।मज़कूरा इलाक़ों में बरसों से आलूदा पानी की सरबराही का सिलसिला बर क़रार है ।

मज़कूरा इलाक़ों के मकीनों ने बताया कि जब जब भी नल खोला जाता है ,इबतिदाई निस्फ़ घंटा इंतिहाई गंदा पानी आता है ,तक़रीबन आधे घंटे के बाद धीरे पानी का रंग साफ़ होना शुरू होता ही, ताहम बू फिरभी मौजूद होता है ,साथ ही इस पानी में कीड़े भी आरहे हैं जो इस बात का सबूत है कि वाटर पाइप लाईन मैं डरेंज लाईन का गंदा पानी मिल चुका ही।लोगों ने कहाकि किसी भी दिन बगै़र कपड़े से छाने पानी भर ही नहीं सकते ।पानी में आलूदगी और कीड़ों की मौजूदगी से अवाम , ख़ुसूसन ख़वातीन और बच्चों की सेहत बहुत बुरी तरह मुतास्सिर हो रही है औरलोग वबाई अमराज़ , जैसे मलेरीया ,टाइफ़ड ,मौसमी बुख़ार,यरक़ान , हैपाटाइटस , इस्हाल ,पेचिस वग़ैरा का शिकार होरहे हैं इसके इलावा पेट के अमराज़ जिस्म में खिचावट ,दर्द ,ख़ून की ख़राबी , फोड़े फुंसियां ,और गले की सोज़िश ,जैसे अमराज़ लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं ।

डाक्टरों का कहना है कि 75फ़ीसद बीमारीयों की बुनियादी वजह पानी है मगर ना आम आदमी इस तरफ़ तवज्जा देता है और ना ही हुकूमत इस हवाले से कभी संजीदगी का मज़ाहिर करती ही। डाक्टरों के मुताबिक़, अगरसाफ़ पानी में 5% भी आलूदा पानी शामिल होजाए तो वो अनफ़कशन पैदा करने के लिए काफ़ी है मगर आम आदमी उस वक़्त तक पानी को आलूदा नहीं समझता जब तक कि पानी का रंग तबदील ना हो जाए या इसमें से बू ना आने लगी।ये हक़ीक़त किसी से छिपी नहीं है कि बीमारियां तेज़ी से फैल रही हैं ख़ास तौर पर आंतों और पेट की बीमारियां और उसका बुनियादी सबब आलूदा पानी ही है।

ज़ाहिर है कि हर शहरी के इख़तियार में नहीं है कि वो घरों में फिल्टर लगवाए और ये शऊर भी आम नहीं कि पानी उबाल कर इस्तिमाल किया जाई। आलूदा पानी की वजह से बॉटल बंद पानी की तिजारत ख़ूब फल फूल रही है लेकिन ये पानी ख़रीदने का भी तो हर आदमी मुतहम्मिल नहीं हो सकता। इसके इलावा मिनरल वाटर के बारे में भी ये रिपोर्ट आ चुकी है कि कई अदरारे मिनरल वाटर के नाम प्राम पानी ही बेच रहे हैं और शहरियो को लौटने में अपना हिस्सा बख़ूबी अदा कर रहे हैं ।

लिहाज़ा अवाम का मुतालिबा है कि अवाम की सेहत पर डाका डालने वाले इन इदारों और अवाम की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मुताल्लिक़ा महिकमा के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि ख़ुद मिनरल वाटर पी कर आलूद ह पानी सरबराह करने वाले इन अफ़राद कव्वा पुनी बेहिसी का एहसास हो सकी।

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