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पुराने शहर के हालात पर इंटेलिजेंस की ख़ुसूसी नज़र

हैदराबाद।03 जनवरी: पुराने शहर में पुलिस की खु़फ़ीया एजैंसीयां दुबारा मुतहर्रिक होगई हैं और ग़ैर मुक़ामी अफ़राद पर ख़ुसूसी नज़र रखी जाने लगी है।

हैदराबाद।03 जनवरी: पुराने शहर में पुलिस की खु़फ़ीया एजैंसीयां दुबारा मुतहर्रिक होगई हैं और ग़ैर मुक़ामी अफ़राद पर ख़ुसूसी नज़र रखी जाने लगी है।

महिकमा इंटेलिजेंस ने शहर में अमन-ओ-अमान की बरक़रारी और मुफ़ाद परस्तों के अज़ाइम को नाकाम बनाने के लिए सरगर्मीयों का आग़ाज़ कर दिया है। पुलिस ओहदेदारों के बमूजब खु़फ़ीया एजैंसीयां मुख़्तलिफ़ ज़ावियों से शहर के हालात का जायज़ा लेते हुए शहर में सरगर्म मुश्तबा तंज़ीमों बिलख़सूस फ़िर्कावाराना मुनाफ़िरत फैलाने वालों पर कड़ी निगाह रखे हुए हैं।

बताया जाता है कि पुलिस के खु़फ़ीया महिकमों ने विश्वा हिंदु परिषद, आर एसएस, भारतीय जनता पार्टी, हिंदु वाहिनी और दुसरे तंज़ीमों के कारकुनों की सरगर्मीयों पर नज़र रखे हुए है।

पुलिस के आला ओहदेदारों के बमूजब बाअज़ शरपसंद अनासिर बैरूनी कुव्वतों के इस्तेमाल के ज़रीये शहर की पुरअमन फ़िज़ा को खराब करते हुए हालात को बिगाड़ने की कोशिश में हैं और इन्ही इत्तिलाआत की बुनियाद पर इंटेलिजेंस एजैंसीयों को चौकस कर दिया गया है।

बताया जाता है कि मक्का मस्जिद धमाके में मुलव्वस हिंदु दहश्तगरदों की शहर मुंतक़ली के अलावा चंद यौम पहले तिरूपति से ताल्लुक़ रखने वाले एक पुजारी की चारमीनार से मुत्तसिल गै़रक़ानूनी ढांचे में पूजा की कोशिश को पुलिस की तरफ से नाकाम बनाए जाने के बाद से पैदा शूदा सूरत-ए-हाल के सयासी इस्तिहसाल का मौक़ा फ़राहम करने के लिए पुलिस कोई गुंजाइश बरक़रार रखना नहीं चाहती।

महिकमा इंटेलिजेंस स के ओहदेदार जारीया माह के इख़तताम में माह रबी उलअव्वल की 12 तारीख़ को मुनाक़िद होने वाले मीलाद जल‌से के मुताल्लिक़ जारी सरगर्मीयों का भी बारीकबीनी से मुशाहिदा कररहे हैं। उस की वजूहात के मुताल्लिक़ दरयाफ़त करने पर एक ओहदेदार ने नाम का इन्किशाफ़ ना करने की शर्त पर बताया कि मीलाद जलूस में इस मर्तबा रास्त सयासी अमल दख़ल महसूस होरहा है इसी लिए इस जलूस के सिलसिले में जारी तैयारीयों पर भी नज़र रखी जा रही है।

पुराने शहर के कई इलाक़ों में महिकमा पुलिस की खु़फ़ीया एजैंसीयां हालिया दिनों में शहर का रुख़ करने वालों पर नज़र रखे हुए हैं और इस बात की तमानीयत हासिल करने की कोशिश कररही हैं कि उन अफ़राद का ताल्लुक़ किसी फिरका परस्त तंज़ीम से तो नहीं है।

अलावा अज़ीं शहर मुंतक़िल होने वालों या क़ियाम करने वालों के मुताल्लिक़ भी तफ़सीलात हासिल की जा रही हैं लेकिन इस के मुताल्लिक़ दरयाफ़त करने पर बताया गया कि ये हमेशा का मामूल है और पुलिस ग़ैर मुक़ामी अफ़राद की सरगर्मीयों पर नज़र रखती ही है।

चारमीनार से मुत्तसिल गै़रक़ानूनी ढांचे पर शैड के मुआमले में जब शहर के हालात कशीदा हुए थे इसवक़्त से ही पुलिस चौकसी इख़तियार किए हुए है।

लेकिन जब हालात मामूल पर आरहे थे उस वक़्त उत्तरप्रदेश की चंद गाड़ीयों की गशत पर पुलिस में हलचल पैदा हुई थी और अब जबके हालात बज़ाहिर मुकम्मल मामूल पर आचुके हैं एसे में भी पुलिस चौकसी-ओ-मुस्तइद्दी बरक़रार रखे हुए है।

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